आगरालीक्स …आगरा में सीबीएसई के 12 वीं के नतीजे आने के बाद छात्र असमंजस में हैं, वे क्या करें, कोचिंग के जाल में न फंस जाएं, जाने क्या होता है कोचिंग में और क्या है उनका रिजल्ट।
पिछले कुछ सालों में आए बदलाव के बाद बारहवीं के बाद छात्रों की पहली प्राथमिकता मेडिकल बन गई है, इंजीनियरिंग दूसरे नंबर पर है। कुछ छात्र डीयू सहित अन्य संस्थान से ग्रेजुएशन के बाद सिविल की तैयारी करना चाहते हैं, जबकि अधिकांश बैंक पीओ, एसएससी सहित अन्य सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने के सपने देखने लगे हैं। इनके सपनों को कोचिंग सेंटरों ने कमाई का जरिया बना लिया है। आगरा में करीब एक हजार कोचिंग सेंटर हैं। ये अलग अलग तरह से मार्केटिंग कर रहे हैं, कई बार तो मेडिकल और इंजीनियरिंग में सफल होने वाले छात्रों को अपने संस्थान को बताने की होड लग जाती है, तीन से चार कोचिंग संस्थान दवा करते हैं कि जिस छात्र का चयन हुआ है, वह उनके संस्थान में पढा है।
मेडिकल में 10 से 15 फीसद रिजल्ट
एमबीबीएस में प्रवेश के लिए नीट आयोजित की जा रही है, आगरा में एक दर्जन मेडिकल की तैयारी कराने वाले अच्छे संस्थान हैं। इनका रिजल्ट 10 से 15 फीसद है यानी संस्थान में 100 छात्र पढ रहे हैं तो 85 से 90 छात्रों का एमबीबीएस में प्रवेश संभव नहीं है, इसमें भी ऐसे छात्र ज्यादा सफल होते हैं जो दूसरी और तीसरी बार तैयारी कर रहे हैं, उनका पहली बार में सलेक्शन नहीं हुआ है। इन कोचिंग संस्थान से तैयारी करने की फीस 80 हजार से एक लाख है। बडे बडे होर्डिंग लगा दिए हैं कि हर साल सफल होने वाले छात्रों की संख्या बढ रही है।
आईआईटी और टॉप इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश का रिजल्ट 5 फीसद
बीटेक करने के लिए जेईई आयोजित किया जाता है, जेईई एडवांस से छात्रों का प्रवेश आईआईटी और टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में होता है, इसमें आगरा के अधिकांश कोचिंग सेंटर का रिजल्ट 5 फीसद है, कई ऐसे संस्थान हैं, जिनका पिछले कुछ सालों से रिजल्ट शून्य है। इसकी फीस 60 हजार से लेकर एक लाख तक है। जेईई देने वाले छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या अधिक होने से प्रवेश मिल ही जाता है, इसके चलते कोचिंग भी खूब चल रही है।
प्रवेश लेने से पहले यह देखें
शिक्षक, उनकी योग्यता, पढाने का तरीका, हर संस्थान में दो से तीन शिक्षक की अच्छे होते हैं , संस्थान का माहौल कैसा है
पिछले पांच साल में कोचिंग से सफल होने वाले छात्र
दो से तीन कोचिंग में पढाई कर रहे छात्रों से फीडबैक जरूर लें
एकल विषय पढाने वाले शिक्षकों के माध्यम से भी तैयारी कर सकते हैं
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