आगरालीक्स… आगरा में 132 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आए तूफान और बारिश में रिकॉर्ड 44 की मौत, पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने की जगह नहीं बची। वहीं, घायलों की संख्या 35 है।
बुधवार रात आठ बजे आंधी शुरू हुई, आंधी तेज होने के बाद ही बारिश होने लगी। करीब 15 मिनट 132 किलोमीटर प्रति घंटा से आंधी चली और तेज बारिश हुई, इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र में पेड, दीवार और छज्जे गिरते चले गए, दीवार और छज्जे के नीचे दबे लोगों की मौत की सूचनाएं आने लगी। आगरा के डीएम गौरव दयाल ने 44 मौतों की पुष्टि की है, सबसे ज्यादा मौत खेरागढ में हुई हैं, इसके साथ ही सैंया, शमसाबाद, फतेहाबाद, बाह, कागरोल, फतेहपुर सीकरी और आगरा में मौत हुई हैं। म्रतकों को चार लाख की आर्थिक मदद की घोषणा की गई है।
मौत का बढता गया आंकडा, खेरागढ में 18 मौत
सबसे ज्यादा मौत खेरागढ में हुई हैं, गुरुवार दोपहर तक खेरागढ के 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, कई लोग गंभीर घायल हैं।
सैंया के कुकावर निवासी राजवीर के बेटे अंकी, भोला और बेटी सन्नो की मकान ढहने से मौत हो गई। जबकि राजवीर और उनकी पत्नी माया घायल हैं।
फतेहाबाद के जाजपुर में ओमदत्त (60), बले का वास में 65 वर्षीय रामवती (65) और खेरागढ़ के नगला उदैया निवासी अर्जुन सिंह ने दम तोड़ दिया। बाह के गांव रुदमुली में दीवार की चपेट में आकर 35 वर्षीय कुलदीप सिंह की जान चली गई। खेरागढ़ के डूंगरवाला में 55 वर्षीय राजो पत्नी राजवीर और उनके नाती की दीवार के नीचे दबकर मौत हो गई और चार अन्य चोटिल हो गए। एत्माद्दौला के प्रकाश नगर निवासी 52 वर्षीय सुभाष (52) ने दीवार गिरने से दम तोड़ दिया। खेरागढ़ के बुढ़ैरा से दो बच्चों को गंभीर हालत में इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। तूफान से सैकड़ोंपेड़ और र्होडिंग्स धराशाई हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पोल गिर पड़े।
खेरागढ़ थाना क्षेत्र के गांवों में देर रात को दस और लोगों की मौत की सूचना मिली है। इसमें नगला पूंछरी में दो, महुआ खेड़ा में दो, रुधऊ में एक, गुढैरा में तीन लोगों की मौत हो गयी। इसके अलावा चीत-सोन रोड पर आंधी से छिपकर ट्राली के नीचे बैठे दो लोगों की मौत हो गई। ये लोग जिस ट्राली के नीचे छिपे थे, उसी के नीचे दब गए। देर रात को एसएसपी अमित पाठक ने प्रभावित गांवों का दौरा किया।
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