आगरालीक्स…आगरा के श्री प्रेमनिधि मंदिर में अधिकमास के आठवें दिन धूमधाम से मना ‘ठकुरानी तीज’ मनोरथ. हिंडोले में विराजे ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी
नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित प्राचीन श्री प्रेमनिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिक) मास मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत रविवार को ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज के समक्ष ‘हरियाली तीज’ अर्थात ‘ठकुरानी तीज’ का मनोरथ अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार हरियाली तीज को ‘ठकुरानी तीज’ के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर पुष्टिमार्ग के प्रवर्तक जगद्गुरु श्री वल्लभाचार्य जी को गोकुल के घाट पर साक्षात श्री यमुना जी के दर्शन हुए थे तथा उन्होंने ‘श्री यमुनाष्टक’ की रचना की थी। अधिकमास के आठवें दिन आयोजित इस मनोरथ में ठाकुर जी को सुसज्जित हिंडोले में विराजमान कर झूला झुलाया गया।मंदिर परिसर को हरे पत्तों, पुष्पों और लताओं से सजाकर ब्रज के निकुंज वन जैसा मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। सावन की हरियाली और शीतलता का भाव उपस्थित करने हेतु संपूर्ण वातावरण को प्राकृतिक सज्जा से अलंकृत किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को ब्रजधाम की अनुभूति कराई। मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में हरियाली तीज प्रकृति, श्री यमुना जी और ठाकुर जी के दिव्य मिलन का उत्सव है। इस अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी को हरे रंग की मखमली पोशाक (वागा) तथा पन्ना जड़ित विशेष आभूषण धारण कराए गए। मंदिर की हरियालीमय सजावट ने भक्तों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रभु को ऋतु अनुरूप घेवर, फैनी एवं मालपुआ का विशेष भोग अर्पित किया गया। पुष्टिमार्गीय कीर्तनकारों द्वारा मल्हार राग एवं सावन के पारंपरिक पदों का मधुर गायन किया गया, जिसके मध्य ठाकुर जी ने हिंडोले में झूलने की लीला का आनंद प्रदान किया। मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि अधिकमास मनोरथ के अंतर्गत आज हिंडोले में विराजे ठाकुर जी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर प्रबंधन द्वारा भक्तों की सुविधा एवं सुगम दर्शन हेतु विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। प्रभु के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मनोहारी हरियाली तीज मनोरथ के चरण सेवक योगेश शिवहरे रहे। इस अवसर पर प्रभु की सेवा एवं व्यवस्थाओं में मुख्य रूप से अंकित, आशीष शिवहरे, आदित्य शिवहरे, शुभम, अनूप एवं नरेश उपाध्याय उपस्थित रहे।