आगरालीक्स…शिवपुराण कथा में गूंजी ज्योतिर्लिंगों की महिमा, भक्तों ने किया शिव स्मरण. नंदीश्वर चरित्र और द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा से शिवमय हुआ वातावरण
महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के षष्ठम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने नंदीश्वर चरित्र एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को शिवभक्ति, सेवा और समर्पण का दिव्य संदेश दिया। कथा स्थल पर हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने कथा आरंभ से पूर्व व्यास पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल, पूर्व विधायक महेश गोयल एवं महंत गोपी गुरु ने व्यास पीठ की आरती उतारी। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित करते रहे।कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने नंदीश्वर चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि नंदी केवल भगवान शिव के वाहन नहीं, बल्कि अटूट भक्ति, सेवा और पूर्ण समर्पण के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नंदीश्वर सदैव भगवान शिव के चरणों में स्थित रहकर उनकी आज्ञा और सेवा में लीन रहते हैं, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने जीवन में श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नंदीश्वर का चरित्र यह संदेश देता है कि सच्चा भक्त वही है, जो बिना अहंकार और बिना किसी स्वार्थ के अपने आराध्य की भक्ति में लीन रहे। भगवान शिव के द्वार पर विराजमान नंदी श्रद्धालुओं को धैर्य, विश्वास और संयम की प्रेरणा देते हैं।
कथा के दौरान द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया। मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के उन दिव्य स्वरूपों का प्रतीक हैं, जहां स्वयं महादेव ज्योति रूप में प्रकट हुए। इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और स्मरण मात्र से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ सहित सभी द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि प्रत्येक ज्योतिर्लिंग जीवन को नई दिशा देने वाला तीर्थ है। भगवान शिव अपने भक्तों की श्रद्धा से शीघ्र प्रसन्न होकर उनके कष्टों का निवारण करते हैं। कथा स्थल पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति गीतों, शिव तांडव स्तोत्र और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालु भावविभोर होकर शिव आराधना में लीन दिखाई दिए।
शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि शनिवार को सुबह श्री देवी चरित्र एवं हनुमान चरित्र कथा प्रसंग के बाद पूर्णाहूति और भंडारे के साथ कथा विश्राम होगा।इस अवसर पर नीरज अग्रवाल, सलिल गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल, अश्विनी बंसल, आकाश अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, निखिल गर्ग, महेश गोयल, जितेंद्र जैन, अनूप अग्रवाल, मुकेश गोयल, मनोज अग्रवाल, सरजू बंसल, छुट्टन जैन, राजनी गोयल, अनुराधा अग्रवाल, आराधना मित्तल, प्रशांत मित्तल, जितेंद्र गोयल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल, महावीर प्रसाद मंगल, अंजना अग्रवाल, सीमा गोयल, अमीषा अग्रवाल आदि ने व्यवस्था संभाली।