आगरालीक्स…Agra News” आगरा में पहली बार प्रोस्टेट (बीपीएच) की समस्या से जूझ रहे युवाओं के लिए बिना सर्जरी और चीरा लगाए 102 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान पर वॉटर वेपर थेरेपी से इलाज, दो से तीन घंटे में छुट्टी, रोबोटिक, लेप्रोस्कोपिक सर्जन यूरोलॉजिस्ट डॉ. श्वेतांक प्रकाश के अनुसार, Rezum (वॉटर वेपर थेरेपी) से युवाओं की यौन कार्यक्षमता पर भी कोई असर नहीं। ( Agra Live News: Water Vapour Therapy for Prostate ( BPH) patient in Agra by Dr. Swetank Prakash )
युवाओं में प्रोस्टेट की समस्या तेजी से बढ़ रही है, प्रोस्टेट टिश्यू का आकार बढ़ने (बीपीएच) से पेशाब की धार कमजोर हो जाती है, पेशाब ठीक से नहीं आता है। ऐसे केस में मरीज को दवाएं लेनी पड़ती हैं और दूसरा विकल्प सर्जरी है। मगर, अब आगरा में पहली बार (वॉटर वेपर थेरेपी) से बीपीएच का इलाज शुरू हो गया है। रोबोटिक, लेप्रोस्कोपिक सर्जन यूरोलॉजिस्ट डॉ. श्वेतांक प्रकाश के अनुसार यथार्थ हॉस्पिटल में यूएसए की पहली नई मशीन Rezum (वॉटर वेपर थेरेपी) आ गई है। इसमें किसी भी तरह के चीरा की जरूरत नहीं होती है।
वॉटर वेपर थेरेपी से सिकुड़ जाते हैं प्रोस्टेट टिश्यू
रोबोटिक, लेप्रोस्कोपिक सर्जन यूरोलॉजिस्ट डॉ. श्वेतांक प्रकाश के अनुसार, वॉटर वेपर थेरेपी के लिए उपकरण को प्रोस्टेट टिश्यू में डिप्लाइड करते हैं इसमें एक सूई निकली हुई है। 102 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान पर वॉटर वेपर तैयार होते हैं और सूई से बढ़े हुए प्रोस्टेट के टिश्यू को वॉटर वेपर से छोटा कर दिया जाता है, वॉटर वेपर थेरेपी से प्रोस्टेट के टिश्यू सिकुड़ जाते हैं। इस तरह तीन से पांच वॉटर वेपर की सूई लगाई जाती है। दो से तीन घंटे में छुट्टी कर दी जाती हैै।
न दवा की जरूरत और ना रेट्रोग्रेड इजैकुलेशन की समस्या
प्रोस्टेट की सर्जरी लेजर सहित अन्य विधि से कराने पर युवाओं में रेट्रोग्रेड इजैकुलेशन की समस्या बनी रहती है, यौन कार्य क्षमता पर भी असर पड़ता है लेकिन वॉटर वेपर थेरेपी से इस तरह की कोई समस्या नहीं होती है साथ ही दवा भी बंद हो जाती हैं। इसलिए 40 से 60 वर्ष की आयु के बीपीएच के मरीजों के लिए वॉटर वेपर थेरेपी सबसे अच्छा विकल्प है इसका सक्सेज रेट 94 प्रतिशत तक है।