आगरालीक्स…आगरा में ‘Waste to Art’ प्रदर्शनी में 80 साल की मां जी ने दिखाया वेस्ट सामान से बनाया हुआ खजाना. वर्षों की मेहनत आई आज सामने तो मिली जमकर तारीफ…
जिन वस्तुओं को हम बेकार समझकर कचरे में फेंक देते हैं, उसी कचरे से आगरा में सुंदर कलाकृतियां बनाई जा रही है. इसका नजारा आज देखने को मिला नगर निगम में लगी ‘Waste to Art’ प्रदर्शनी में. पिछले कुछ समय से आगरा में वेस्ट मटेरियल से बनाई जाने वाली विभिन्न प्रकार के कलात्मक एवं उपयोगी सामग्री की अब व्यवसायिक स्तर पर भी मांग बढ़ रही है. यही वजह है कि आजकल ‘Waste to Art’ जैसी प्रदर्शनी भी लगाई जा रही हैं और उन्हें एक अच्छा मंच भी प्रदान किया जा रहा है.

आगरा के नगर निगम में आज यह प्रदर्शनी लगाई गई लेकिन इस प्रदर्शनी में 80 साल की विरमा देवी और उनके द्वारा बनाए गए कलात्मक सामान को देखकर हर किसी ने जमकर तारीफ की. स्कूली बच्चे हों या फिर प्रदर्शनी को देखने आने वाले अधिकारी व युवा वर्ग. उन्होंने दादी से आशीर्वाद भी लिया और वेस्ट टू आर्ट प्रदर्शनी में वेस्ट सामान से बनाया गया उनका खजाना भी देखा.
वह 50 साल से अधिक वर्षों से पीढ़ियों तक वेस्ट से काम का जरुरी उत्पाद बनाने का सिलसिला श्रीमती विरमा देवी ने बस यूँ ही शुरू कर दिया और अब नाती पोतों के परिवारों तक तोहफों में यही उत्पाद अपने हाथों से बनाकर भेंट करती हैं, लोग वेस्ट सामग्री लाकर उन्हें दे जाते, जो सीखना चाहते हैं वो उनके पा सीखने भी आ जाते हैं.
बेटे ने कराया रजिस्ट्रेशन
स्वच्छता अभियान में आज नगर निगम आगरा द्वारा वेस्ट टू आर्ट प्रदर्शनी का आयोजन निगम परिसर में किया गया था. जिसमें शहर के काफी सारी संस्थाओं एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप के अलावा लोगों ने व्यक्तिगत रूप से भी प्रतिभाग किया. ये जानकारी जब विरमा देवी के बेटे प्रो. एनपीएस चंदेल को प्राप्त हुई तो उन्होंने अपनी माता जी के लिए इस इस प्रदर्शनी में रजिस्ट्रेशन करा दिया और उनकी वर्षों से वेस्ट सामान से तैयार उत्पादों को यहां प्रदर्शनी में लगाया. नगर निगम परिसर में उनके सामान को सराहा गया और विरमा देवी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है.

अपर आयुक्त नगर निगम सुरेंद्र प्रसाद यादव भी विरमा देवी के कार्य की प्रशंसा कर प्रशस्ति पात्र देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान काफी सारे लोगों ने उत्पाद तत्काल खरीदने की इच्छा जताई पर दादी ने बताया की इस उम्र में और ज्यादा सामन बना तो नहीं सकती पर अगर लोग सीखना चाहते हैं तो वह उन्हें सिखा जरूर सकती हैं. उनके अलावा काफी सारी सस्थाओं और बच्चे भी अपने बनाये एक से बढ़कर एक उत्पाद प्रदर्शनी में रखे थे.
इस दौरान प्रदर्शनी में आए लोगों ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनी हर साल होनी चाहिए जिससे आगरा की छुपी हुई प्रतिभाओं को भी मौका मिल सके जो कि बेकार के सामानों से उपयोगी सामान बना रहे हैं.