आगरालीक्स…“राम बाण लाग्यो रावण ब्याला, मेट्यो मरण काल कर जाला”..बाबा श्री मनकामेश्वर रामलीला महोत्सव में हुआ रावण वध का भव्य मंचन, जय-जयकार से गूँजा पंडाल
गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर, शमशाबाद रोड में चल रहे बाबा श्री मनकामेश्वर रामलीला महोत्सव के ग्यारहवें दिन गुरुवार की रात का मंचन श्रद्धालुओं के लिए रोमांचक और अविस्मरणीय रहा। श्रीराम और रावण युद्ध तथा रावण वध के विहंगम दृश्य ने पूरा वातावरण भक्तिमय और जयघोषों से गूँज उठा। मंचन की शुरुआत में रावण अपने बल, धन और अहंकार के साथ रणभूमि में उतरा। उसके भीषण रूप और गरजते संवादों से पूरा पंडाल सिहर उठा। दूसरी ओर, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने करुणा और धर्म की शक्ति से युद्ध किया।

“धरि धनुष सायक प्रभु छोड़ा,
रावण हृदय बाण जा घोड़ा॥”
युद्ध के चरम क्षण में जब रावण बार-बार मायावी अस्त्रों का प्रयोग कर रहा था, तब भगवान श्रीराम ने ब्रह्मास्त्र का संधान कर उसका वध किया।
“राम बाण लाग्यो रावण ब्याला,
मेट्यो मरण काल कर जाला॥”
यह दृश्य देखते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज गया।
इस अवसर पर श्री महंत योगेश पुरी ने कहा कि रावण वध का प्रसंग यह संदेश देता है कि अधर्म चाहे कितना भी प्रबल हो, अंततः धर्म और सत्य की ही विजय होती है।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने कहा कि रामलीला का यह मंचन न केवल धार्मिक आस्था को प्रगाढ़ करता है, बल्कि जीवन में मर्यादा, सत्य और धर्म के पालन का भी संदेश देता है।
शुक्रवार को मंचन में सीता माता की अग्नि परीक्षा, विभीषण का राज्याभिषेक एवं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का राज्याभिषेक की लीला प्रस्तुत की जाएगी और लीला का समापन होगा।