आगरालीक्स…आगरा के चिकित्सकों में आक्रोश. कहा रिन्युअल के नाम पर मनमानी कर रहा है फायर डिपार्टमेंट…नहीं सहा जाएगा चिकित्सक का उत्पीड़न
आगरा के चिकित्सकों में फायर डिपार्टमेंट की मनमानी को लेकर आक्रोश व्याप्त है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की एक आकस्मिक बैठक इसको लेकर आज आईएमए भवन तोता का ताल पर हुई. आईएमए अध्यक्ष डा मुकेश गोयल ने कहा कि चिकित्सकों में आक्रोश का कारण रिन्यूअल में फायर संबंधित दिशा निर्देश अभी तक जारी न होना है. इसमें चिकित्सकों का मानसिक उत्पीड़न तो हो ही रहा है, फायर डिपार्टमेंट की भी मनमानी चल रही है। आइएमए आगरा स्वास्थ्य विभाग एवम सीएमओ आगरा को स्पष्ट शब्दों में कह देना चाहता है की किसी भी चिकित्सक का उत्पीड़न नहीं सहा जाएगा.
उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल तक रिन्यूअल की आखिरी तारीख थी, इसमें आईएमए के चिकित्सकों ने ऑनलाइन रिन्यूअल अप्लाई कर दिया है ऐसा सचिव डा पंकज नगायच ने बताया। वहीं वरिष्ठ पेडियाट्रिक सर्जन डा संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि चिकित्सक अपने कार्य करपाने में असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि उनके ऊपर नियमों का अव्यवहारीकरण हावी है। यदि शासन प्रशासन चाहता है कि चिकित्सक कार्य बंद कर दें तो वैसे ही बता दें. वरिष्ठ सर्जन डा अनंग उपाध्याय ने कहा कि जितना संभव है अपने यहां फायर के उपकरणों का इंतजाम हम कर रहे हैं, जहां सिविल वर्क संभव नहीं वो कैसे किया जाए.
डा अरुण जैन ने कहा कि चिकित्सक से ज्यादा अपने मरीजों की सुरक्षा की बात कोई नहीं समझ सकता. फिर फायर एनओसी की जबरन बात समझ नही आती. डा योगेश ने कहा की सदैव हर नियम के पाश में सबसे पहले चिकित्सक को ही क्यों बांधा जाता है. नियम सभी के लिए बराबर हैं. डा भागौर ने कहा की आईएमए तैयार है कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए. डा मुकेश भारद्वाज ने कहा की हमारे मुख्यमंत्री भी नियमों के सरलीकरण एवम व्यावहारिकता की बात करते हैं पर यहां उल्टा ही हो रहा है. अंत में ये प्रस्ताव ध्वनि मत के साथ पारित हुआ की यदि एक भी चिकित्सक या उनका प्रतिष्ठान का रिन्यूअल रुका तो सभी चिकित्सक अपना कार्य बंद करने को विवश होंगे. डा सुरेश कुशवाहा, डा एस एस सूरी, डा सुमन जैन एवम अन्य कई चिकित्सकों ने अपने उद्गार प्रकट किए।