आगरालीक्स…लोग सेहत पर क्यों ध्यान नहीं देते. आसान किस्तों पर हेल्थ पॉलिसीज भी मिलती हैं लेकिन फिर भी कमी. विश्व स्वास्थ्य दिवस पर डॉक्टरों ने किया सेहत पर जागरूक
दुनिया भर में सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। मगर हम इसे क्या मनाएंगे, मनाने से अच्छा है हम आत्म चिंतन करें। हम अपने जीवन में हर काम के लिए पैसा जोड़ते हैं मगर अपनी सेहत के लिए नहीं। बेटी की शादी, घर खरीदने की तरह कभी हम इस बात के लिए धन एकत्रित नहीं करते कि भविष्य में अगर हम बीमार पड़े तब क्या होगा। अब तो हैल्थ पॉलिसीज भी मिल जाती हैं जो आसान किश्तों पर उपलब्ध हैं। फिर कमी कहां है। कमी है समझ की। इसलिए विश्व स्वास्थ्य दिवस जैसे अवसरों को समझ विकसित करने का माध्यम बनाएं। यह कहना है उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल कीं निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा का।

विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर उन्होंने उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में इस वर्ष की थीम मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार विषय पर संबोधित किया। कहा कि स्वास्थ्य पर तो हम बात करते ही हैं आज अधिकार पर भी करेंगे। बीमारियों के लिए धन संचय और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेकर रखने के अलावा उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की। लोगों से कहा कि आज हमारे पास आयुष्मान कार्ड या पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य जैसी योजनाएं हैं। लाखों लोग इनसे स्वास्थ्य लाभ पा रहे हैं। लेकिन जब बात अधिकारों की आती है तो पहले हमें अपने कर्तव्य याद रखने होंगे। सड़क पर वाहन को सही तरीके से न चलाने से लेकर सब्जियों और फलों में पेस्टीसाइड्स के इस्तेमाल तक उन्होंने सभी को अपने कर्तव्य ज्ञात कराए। कहा कि जब तक हम अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं होंगे तब तक न तो हम अधिकार की बात कर सकते हैं और न ही दूसरे से यह उम्मीद की वह आपकी बात सुनेगा।
रेनबो आईवीएफ के निदेशक डॉ. केशव मल्होत्रा ने कहा कि व्यायाम से लेकर संतुलित खानपान तक अपनी दिनचर्या में उन सभी गतिविधियों को शामिल करें जो आपको स्वस्थ रख सकती हैं। मेडिकल सु्प्रिटेंडेंट डॉ. राजीव लोचन शर्मा ने संचालन किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मनप्रीत शर्मा ने भी अपने स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति सजग रहने का आग्रह किया।