आगरालीक्स …आगरा में गायत्री बिल्डर्स के 11 बैंक खाते कुर्क, आठ मिले खाली। संपत्तियों की तलाश, बिल्डर के खिलाफ 12 मुकदमे।

मूलरूप से मलपुरा निवासी हरिओम दीक्षित ने गायत्री डेवलपवेल प्राइवेट लिमिटेड फर्म बनाकर रियल एस्टेट के कई प्रोजेक्ट शुरू किए, इसके लिए बैंक से लोन लिया गया। इन प्रोजेक्ट में
फ्लैट देने के लिए लोगों से रुपये जमा कराए गए लेकिन फ्लैट नहीं दिए गए। इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ने अप्रैल 2021 में जिला प्रशासन को गायत्री डेवलपवेल प्राइवेट लिमिटेड से 69.16 लाख रुपये वसूली करने के आदेश दिए।
आठ खाते मिले खाली, तीन में मिली रकम
वसूली न होने पर पीड़ित मोहित और विकास ने उच्च न्यायालय में प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की। इसके बाद एसडीएम सदर परीक्षित खटाना ने बिल्डर के 11 बैंक एकाउंट कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की। इसमें से टीम को आठ खातों में पैसे नहीं मिले। नोएडा सहित तीन खातों में 18.78 लाख रुपये मिले हैं जिन्हें प्रशासन ने बैंक एकाउंट कुर्क करने के साथ ही निकलवा लिया।
संपत्तियों की तलाश
प्रशासन को गायत्री डेवलपवेल से 69.16 लाख की वसूली करनी है। ऐसे में गायत्री डेवलेपवेल के संचालक हरिओम दीक्षित की संपत्तियों की भी तलाश की जा रही है। इन संपत्तियों को कुर्क करने के बाद नीलाम कराया जाएगा। इससे पहले बैंक का लोन न जमा करने पर 2020 में केनरा बैंक और प्रशासन ने शास्त्रीपुरम स्थित मनहर गार्डन में 27
फ्लैट का अधिग्रहण किया था, इससे करीब 3.68 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई थी।
बिल्डर और पत्नी जा चुके हैं जेल
बिल्डर हरिओम दीक्षित पर हरीपर्वत, सिकंदरा, ताजगंज सहित शहर के थानों में 12 मुकदमे दर्ज हैं। अक्टूबर 2020 में पुलिस ने बिल्डर हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी कल्यानी दीक्षित को जेल भेज दिया था।