आगरालीक्स…आगरा मंडल में डीएपी (खाद) को लेकर मंडलायुक्त के कड़े तेवर. डीएम को दिए निर्देश—खतौनी देखकर ही दी जाए डीएपी. दो अधिकारियों के खिलाफ लिया एक्शन
आगरा मण्डल में सभी सहकारी समितियों में डीएपी (खाद) भंडारण एवं आवंटन को लेकर मंडलायुक्त रितु महोश्वरी ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जिले के जिलाधिकारी एवं संबंधित विभाग के सभी अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक ली। बैठक में महोदया द्वारा जिलेवार डीएपी की उपलब्धता, आवंटन की स्थिति की समीक्षा की और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। मण्डलायुक्त ने आगरा मण्डल के जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए कि समस्त संबंधित सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता एवं जिला कृषि अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से प्रत्येक जनपद में बफर में उपलब्ध समस्त डीएपी को आज सांय तक समितियों पर माँग के अनुसार आवंटित कर दी जाए। किसी भी किसान को जबरदस्ती नैनो डीएपी तरल का विक्रय नहीं किया जाए। सहमति पर ही नैनो डीएपी विक्रय की जाए।
उन्होंने कहा कि केन्द्र पर किसान से खतौनी की नकल नहीं ली जा रही है, मात्र आधारकार्ड के आधार पर डीएपी का वितरण किया जा रहा है। सुनिश्चित किया जाए कि किसान की खतौनी देखकर ही वितरण किया जाए तथा 15 अक्टूबर तक समस्त सहकारी समितियों पर राजस्व अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर वितरण कराया जाये। किसी भी किसान पर केवल 02 या 03 बोरे डीएपी क्रय करने हेतु जबरदस्ती न की जाए। खतौनी की नकल देखने के पश्चात ही मानक के अनुसार एक ही बार में पूरी डीएपी उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसान को बार-बार समिति के चक्कर न लगाने पड़े एवं डीएपी का दुरूपयोग/कालाबाजारी न हो सके।
समस्त समिति के सचिवों को अवगत करा दिया जाए कि डीएपी विक्रय की प्रत्येक बार की धनराशि को 24 घण्टे के अन्दर मुख्यालय पर आरटीजीएस कर दी जाए तथा मुख्यालय से 24 घण्टे के अन्दर समिति को डीएपी उपलब्ध करा दी जाए। डीएपी की उपलब्धता के संबंध में सभी बिक्री केंद्रों का आईएफएमएस होटल पर प्रादेशिक उर्वरकों एवं बफर गोदाम स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा करें तथा अपने अधीनस्थ अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी को 15 अक्टूबर तक प्रतिदिन कम से कम तीन सरकारी/निजी सहकारी समितियां का सत्यापन करने तथा उर्वरक की उपलब्धता हेतु प्रभावी कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया जाए।
आलू, सरसों एवं गेहूं की फसलों हेतु किसानों द्वारा की जा रही डीएपी की मांग के दृष्टिगत आगरा मण्डल के संबंधित सभी 43 मण्डलीय अधिकारियों को नामित करते हुए आवंटित सूची के अनुसार 15.10.2024 तक उनके विकास खण्ड में संचालित उर्वरक प्रतिष्ठानों में से प्रतिदिन न्यूनतम 5 समिति (3 सहकारी, 2 निजी) का निरीक्षण किया जाए तथा निरीक्षण उपरांत विस्तृत आख्या उपलब्ध कराई जाए। आगरा मंडल में उर्वरक बिक्री केंद्रों का 15.10.2024 तक प्रतिदिन आकस्मिक निरीक्षण करने हेतु अपर आयुक्त न्यायिक (प्रथम) डॉ कंचन शरन को फिरोजाबाद, अपर आयुक्त न्यायिक (द्वितीय) श्रीमती मंजूलता को आगरा और अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार को मथुरा जिले की जिम्मेदारी दी गई।
सहकारी समिति को डीएपी आवंटन करने में अनावष्यक रूप से की जा रही देरी और समिति पर डीएपी विक्रय से प्राप्त धनराशि का समय से मुख्यालय में भुगतान न होने से स्टॉक आने में हो रही देरी की लापरवाही पर मण्डलायुक्त ने रविंद्र कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता और तरुणेश यादव, क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कोऑपरेटिंग फेडरेशन आगरा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने हेतु शासन में पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये। आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन दुकानों में उचित रूप से खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था बनी रहे, किसी भी तरह की खाद्यान्न की कालाबाजारी न हो सके, इसके लिए आगरा मण्डल के मुख्य विकास अधिकारियों और उपायुक्त खाद्य एवं रसद अधिकारियों को स्वयं तथा अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा 15.10.2024 तक प्रतिदिन निरीक्षण कर मण्डल की संकलित आख्या कार्यालय में सूचित करने के निर्देश दिये गए।