आगरालीक्स…आगरा के डॉ.एमपीएस वर्ल्ड स्कूल में हुआ ग्रुप सिंगिंग कॉम्पटीशन. 19 स्कूलों के बच्चों ने दिखाई भारतीय संस्कृति की झलक
सिकंदरा स्थित डॉ एमपीएस वर्ल्ड स्कूल आगरा के अतुल्य भारत कल्चरल सेंटर में एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल ऑफ आगरा के तत्वावधान में समूह गायन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। सर्वप्रथम विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, प्रधानाचार्या राखी जैन, अपसा के उपस्थित पदाधिकारीगण, निर्णायक मंडल से प्रोफेसर अमिता शर्मा, क्रिस्टी लाल और डॉ. मंजरी शुक्ला ने श्रीगणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने गणमान्य अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह व प्रधानाचार्या राखी जैन ने संयुक्त रूप से एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल ऑफ आगरा के अध्यक्ष सुशील गुप्ता, सचिव डॉ. गिरधर शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रद्युम्न चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष जीएस राणा, उपसचिव त्रिलोक सिंह राणा, कर्नल अपूर्व त्यागी, बैकुंठी देवी महाविद्यालय से गायन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता शर्मा, क्रिस्टी लाल और डॉ. मंजरी शर्मा सहित अपसा के गणमान्य व्यक्तियों को पुष्पगुच्छ व अंग वस्त्र भेंट कर उनका अभिवादन व स्वागत किया।

इस आयोजन में आगरा जनपद के 19 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया। जिसमें कर्नल ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल, सी. एफ. एंड्रयूज स्कूल, सेंट एंड्रयूज स्कूल बरौली अहीर, सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल कर्मयोगी कमला नगर, सेंट एंड्रयूज प्रीमियर स्कूल, शारदा वर्ल्ड स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल यूनिट – 1, प्रील्यूड पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल शास्त्रीपुरम, ऑल सेंट्स स्कूल शमशाबाद रोड, सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट स्कूल, वज़ीरपुरा, एसएस एसएस कॉन्वेंट स्कूल, क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल, सिम्बोज़िया स्कूल न्यू गोविंद नगर, सचदेवा मिलेनियम स्कूल शास्त्रीपुरम, सीएफ एंड्रियूज बल्केश्वर, माही इंटरनेशनल स्कूल और शांति निकेतन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी विशिष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में आए सभी विद्यालयों ने अपनी प्रतिभाओं की दमदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सभी विद्यालयों ने अपने अद्वितीय समूह गायन कौशल का प्रदर्शन किया जिससे सभागार में उपस्थित सभी लोग उनकी सौम्यता, समन्वय और उत्साह से मोहित हुए।
विद्यालय के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर ए. के. सिंह ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों के अंदर आत्मविश्वास, अच्छे संचार कौशल और गर्व की भावना विकसित होती है। जब हम संगीत सुनते हैं, तो हमारे मस्तिष्क की तरंगें संगीत की धड़कनों के साथ तालमेल बिठाती हैं। इसका मतलब यह है कि जब हम तेज़ और ऊर्जावान संगीत सुनते हैं, तो यह हमारे मस्तिष्क में तीव्र एकाग्रता और सोच के स्तर को बढ़ाता है। दूसरी ओर, जब हम धीमा और शांत संगीत सुनते हैं, तो हमारा दिमाग पूरी तरह से शांत हो जाता है और हम मन की शांतिपूर्ण स्थिति प्राप्त करते हैं।
क्रिस्टी लाल ने अपने संबोधन में कहा कि संगीत मानव जीवन में अहम स्थान रखता है और उसे सुंदर तरीके से व्यक्त करता हैं । संगीत वास्तव में मानवता का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो हमारे जीवन को समृद्व बनाता है और हमें एक दूसरे से जोड़ता है। संगीत की शक्ति यह है कि यह हमारी भावनाओं को व्यक्त करने में मदद करता है, हमें आनंद और सुख देता है, और हमारे जीवन में अर्थ और गहरा लाता है। यह हमें अपने आसपास की दुनिया से जोड़ता है और हमें अपने स्वयं के अनुभवों को व्यक्त करने में मदद करता है ।

प्रोफेसर अमिता शर्मा ने अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत हमारे चारों ओर है, सिर्फ इसे महसूस करने की आवश्यकता है। हमें संगीत की सुंदरता और इसके महत्व को समझने का प्रयास करना चाहिए। संगीत हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह हमारी भावनाओं को व्यक्त करने में मदद करता है और हमें एक दूसरे से जोड़ता है। संगीत हमारे जीवन में अर्थ और गहराव लाता है, यह हमें अपने आसपास की दुनिया से जोड़ता है।
डॉ मंजरी शुक्ला ने कहा कि संगीत हमारे स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करता है। संगीत हमारी संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, यह हमें अपने इतिहास और मूल्यों से जोड़ता है। मनोरंजन के अलावा, संगीत हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे मस्तिष्क और उससे जुड़ी क्षमताओं का विकास करता है। यह बच्चों में कौशल विकसित करने और उन्हें पढ़ाने में भी फायदेमंद है। संगीत चिकित्सा पुरानी बीमारियों को ठीक करने में मदद करती है। संगीत हम सभी के लिए बहुत फायदेमंद है और इसे सभी के दैनिक जीवन में शामिल किया जाना चाहिए ।
इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर गायत्री पब्लिक स्कूल वजीरपुरा रहा। वही दूसरे स्थान पर प्रील्यूड पब्लिक स्कूल तथा तृतीय स्थान पर गायत्री पब्लिक स्कूल शास्त्रीपुरम के बच्चों ने बाजी मारी। ऑल सैंट स्कूल और कर्नल ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया ।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या राखी जैन ने एसोसिएशन अश्वफ प्रोग्रेसिव स्कूल ऑफ आगरा के सभी पदाधिकारीगण, विद्यालय के अध्यक्ष, क्रिस्टी लाल, प्रोफेसर अमिता शर्मा, डॉ मंजरी शुक्ला और बाहर से आए सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य और उनके शिक्षकों को धन्यवाद दिया और प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सभी बच्चों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि संगीत मनोरंजन का साधन नहीं है, यह उससे भी बढ़कर है। संगीत हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। संगीत हमें रचनात्मक बनाता है। संगीत हमारे दिमाग को कला से भर देता है और हर महान आविष्कार के लिए कला, रचनात्मकता और कल्पना की आवश्यकता होती है। कभी-कभी ये क्षमताएँ संगीत द्वारा प्रदान की जाती हैं। संगीत हमारी समझने की क्षमता को बढ़ाता है। जब हम संगीत में अपने दिमाग का उपयोग करते हैं, यानी जब हम संगीत के बारे में सोचते हैं, जब हम समझने की कोशिश करते हैं, तो यह हमारे दिमाग को और अधिक रचनात्मक बनाता है। और एक रचनात्मक दिमाग कहीं न कहीं और उपयोगी खोज कर सकता है।
इस अवसर पर एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल ऑफ आगरा के पदाधिकारीगण के साथ-साथ विद्यालय के डीन एकेडमिक्स एच.एल. गुप्ता, डीन एडमिनिस्ट्रेशन चंद्रशेखर, शिक्षिका अदिति सिंह, दिव्या खंडेलवाल, प्राची यादव, चरनजीत, डॉ. मुकेश राय, शिविन भारती, अंकित कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।