आगरालीक्स…हाइपरटेंशन को यूं ही साइलेंट किलर नहीं कहा जाता, यह आपके दिल, दिमाग और किडनी को डैमेज कर देगा, विश्व हाइपरटेंशन डे पर आगरा के फिजीशियन डॉ. अरविंद जैन और कार्डियोलाॅजिस्ट डॉ. मनीष शर्मा की राय जान लें.

मैं अपने मरीजों को बस एक ही बात समझाता हूँ। मैंने जो लिखी है ये दवा नहीं टाॅनिक है। इसे लेते रहना होगा नहीं तो यह बिगड़ा हुआ ब्लड प्रेशर आपके दिल, दिमाग और किडनी को डैमेज कर देगा। यह कहना है शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. अरविंद जैन का। हमने उनसे विश्व हाइपरटेंशन डे के मौके पर बात की।
डाॅ. जैन ने कहा कि चिंता की बात यह है कि लोग हाई बीपी को गंभीरता से नहीं लेते हैं क्योंकि उनके पास पूरी जानकारी नहीं है। दूसरा, इसके लक्षणों की शुरूआत में पहचान नहीं हो पाती। जिसकी वजह से रोगी समय पर इलाज नहीं करा पाते। आज 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्ेश्य ही इसकी गंभीरता को दर्शाता है। हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर यूं ही नहीं कहा जाता है। इसका इलाज नहीं है मैनेजमेंट है और अगर आप इस मैनेजमेंट में चूक जाते हैं तो यह धीरे-धीरे शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को खराब करने लगता है। इसकी वजह से ब्रेन स्ट्रोक, ब्रेन हेमरेज, किडनी फेल, हार्ट अटैक जैसी गंभीर और जानलेवा समस्याओं का खतरा होता है।
120/80 मिमी एचजी से कम ब्लड प्रेशर को सामान्य माना जाता है। जबकि 130 से अधिक जाने पर अधिक गंभीर नहीं है। लेकिन 140/90 को हाइपरटेंशन की कंडीशन माना जाता है।
एक बार यह समस्या हो जाने पर जीवन भर पीछा नहीं छोड़ती बहुत सारे लोग नियमित दवाओं का सेवन नहीं करते क्योंकि तमाम तरह की भ्रांतियां हैं। ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए कि इसे कंट्रोल रखना जरूरी है और मैनेजमेंट करना चाहिए। रोज थोड़ा व्यायाम करें, तनाव मुक्त रहने की कोशिश्ज्ञ करें, तंबाकू और शराब से बचें, मोटापा कम करने की कोशिश करें, जंक फूड से बचें, कोल्ड ड्रिंक्स से बचें, नमक और चीनी के अधिक सेवन से बचें।
वहीं पुष्पांजलि हाॅस्पिटल के सीनियर कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. मनीष शर्मा बताते हैं कि उम्रदराज लोगों की परेशानी और भी अधिक है क्योंकि उनमें यह आसानी से नियंत्रित नहीं हो पाता और धीरे-धीरे वे हार्ट और किडनी रोगों की तरफ जाने लगते हैं। इधर युवाओं में भी खराब जीवनशैली और प्रदूषण आदि वजहों से हाइपरटेंशन और फिर ह्दय रोग बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से माॅर्टलिटी रेट भी बढ़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि अगर एक बार आपको ब्लड प्रेशर की समस्या लग गई है तो डाॅक्टर की निगरानी में रहें, घर पर नियमित ब्लड प्रेशर को माॅनीटर करते रहें, इसका मैनेजमेंट सही रखें। दवाएं बंद न करें ताकि यह अनियंत्रित होकर शरीर के दूसरे अंगों को प्रभावित न करे।