आगरालीक्स ….ताजमहल में शिव प्राण प्रतिष्ठा करने का अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने ऐलान किया है। उन्हें 26 अप्रैल को ताजमहल में ब्रहृमदंड के साथ प्रवेश से रोकने पर जमकर हंगामा हुआ था। पांच मई को ताजमहल में शिव प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए पश्चिमी गेट पर अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने की अपील की है।
26 अप्रैल को अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ताजमहल में पहुंचे थे। उन्होंने टिकट ली, ताजमहल में प्रवेश करने से उन्हें रोक दिया गया। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। एएसआई ने इस पर बयान दिया कि उन्हें भगवा वस्त्र पहनने के कारण प्रवेश से नहीं रोका गया था, बल्कि उनके हाथ में ब्रहृमदंड था। कोई भी सामान अंदर नहीं ले जा सकते हैं इसलिए कहा गया था कि ब्रहृमदंड को लॉकर में जमा करा दें लेकिन उन्होंने ब्रहृमदंड को लॉकर में जमा नहीं कराया।

पांच मई को ताजमहल में प्राण प्रतिष्ठा का ऐलान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या के तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि ताजमहल तेजो महालय है, शिव मंदिर तेजो महालय का नाम बदलकर ताजमहल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए सनातन धर्म संसद भी आगरा में करेंगे। इसके लिए देश के तमाम हिंदूवादी संगठनों से अपील की है कि पांच मई को ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पहुंचे, जिससे पांच मई को ताजमहल में शिव प्राण प्रतिष्ठा की जा सके। इस मामले में एडीएम सिटी अंजनी कुमार का मीडिया से कहना है कि नियम विरुदृध किसी को भी ताजमहल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।