आगरालीक्स आगरा में भगवान की पोशाक का काम करने वाले कारोबारी ने ही अपनी 11 साल की बेटी को किडनैप करने की झूठी कहानी बनाई, कारोबारी और दोस्त पुलिस ने पकड़े, चौंकाने वाला खुलासा।
आगरा के माधव कुंज , प्रतापनगर निवासी मनीष अग्रवाल का भगवान की पौशाक की दुकान है। 10 जुलाई को मनीष अग्रवाल ने पुलिस को सूचना दी कि वह अपनी 11 साल की बेटी को शाम छह बजे डांस एकेडमी के गेट पर छोड़कर चला गया था, रात 8 बजे घर के गेट पर पत्नी नेहा को पत्र मिला। पत्र में बेटी के किडनैप होने की बात लिखी हुई थी और फिरौती के लिए 40 लाख रुपये मांगे थे। पैसे लेकर मोती कटरा में बुलाया था और पुलिस को सूचना ना देने के लिए कहा गया था।
सीसीटीवी से खुला मामला, डर के चलते रात नौ बजे वापस बुला ली थी बेटी
11 साल की बालिका के किडनैप होने की सूचना पर पुलिस ने प्रतापनगर क्षेत्र के सीसीटीवी चेक किए, रात नौ बजे कारोबारी की बेटी घर लौट आई थी, पुलिस पूछताछ में कारोबारी ने बताया था कि कार चालक बेटी को छोड़कर चला गया था। पुलिस ने सीसीटीवी चेक किए तो मामला खुलता चला गया। इसके बाद कारोबारी मनीष अग्रवाल से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे बेटी को बाइक से लेकर घर से निकले थे और डांस एकेडमी की जगह नाई की मंडी निवासी अपने दोस्त रजत गुप्ता के घर छोड़ दिया था, पुलिस ने छानबीन शुरू की सीसीटीवी चेक किए तो मनीष अग्रवाल को पकड़े जाने का डर लगा उन्होंने रजत गुप्ता से कहकर बेटी को बुला लिया वह बेटी को घर के पास छोड़कर चला गया।
कर्ज के चलते रची किडनैप की कहानी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मनीष अग्रवाल पर लाखों रुपये का कर्जा था इससे वह परेशान चल रहा था। जिन लोगों से कर्जा लिया है वे परेशान ना करें इसके लिए उसने ही बेटी के किडनैप की कहानी रची थी, पुलिस ने मनीष अग्रवाल और दोस्त रजत गुप्ता को हिरासत में ले लिया है।