आगरालीक्स…आगरा में अब तक का सबसे लंबा मानसून ब्रेक. इसी कारण नहीं हो रही आगरा में बारिश लेकिन हिमाचल, उत्तराखंड में बाढ़. जानें क्या है मानसून ब्रेक
आगरा में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हुई है. दो माह का सावन होने के बावजूद आगरा में बारिश न के बराबर हुई है. अगर हुई भी है तो वह टुकड़ों में और बहुत कम. मौसम विज्ञानियों ने इसका कारण मानसून ब्रेक होना बताया है और आगरा में यह अभी तक का सबसे लंबा मानसून ब्रेक है. मौसम विज्ञानियों के अनुसार अकेला आगरा ही नहीं बल्कि देश के कई राज्य इस समय भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं, हालांकि आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर काफी ज्यादा है. इसके चलते आगरा में सूखे की स्थिति है, लेकिन अगर देखें तो इस समय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश हो रही है.

जानें क्या हैं मानसून ब्रेक
जुलाई और अगस्त सबसे अधिक बारिश वाले महीने हैं और इन्हें महीनों में मानसून ब्रेक भी आता है. इसमें बादल पहाड़ों पर जमा हो जाते हैं और यहीं सबसे अधिक बारिश कराते हैं. यही कारण है इस समय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल जमा है और यहां बाढ़ और भूस्सखलन जैसे हालात हैं. लेकिन इसका असर अन्य राज्यों पर हो रहा है जहां बिल्कुल भी बारिश नहीं हो रही है और उसके कारण भीषण गर्मी और उमस बढ़ी है. आमतौर पर यह ब्रेक एक सप्ताह तक का होता है लेकिन आगरा में इसका ब्रेक काफी लंबा हो गया है. मौसम विभाग की मानें तो अगले एक सप्ताह तक मानसून ब्रेक जारी रहने के आसार हैं. ऐसा हुआ तो यह 51 साल का सबसे लंबा मानसून ब्रेक हो जाएगा. इससे पहले 1972 में 18 जुलाई से 3 अगस्त तक 17 दिन का सबसे लंबा मानसून ब्रेक रहा था.
मौसम विज्ञानियों ने बताया कि इस बार उत्तरी हिमालय के तराई के इलाकों में मानसूनी ट्रफ है, पश्चिमी विक्षोभ भी मदद कर रहा है. इसलिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व राजस्थान में पश्चिमी हवाएं चलने से मैदानी इलाकों में बारिश रुक गई है.