आगरालीक्स …..आगरा में चीन से लौटे युवक के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद जांच बढ़ा दी गई है, ओमिक्रान बीएफ .7 का मरीज आने पर किस तरह होगा इलाज और जांच जाने।
आगरा में रविवार को मारुति एस्टेट क्षेत्र में चीन से 22 दिसंबर को लौटे युवक में कोरोना की पुष्टि हुई थी, युवक की पत्नी बेटे सहित संपर्क में आए 37 लोगों की भी जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सोमवार के बाद मंगलवार को कोरोना भी कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला है।

मंगलवार को मॉक ड्रिल की गई। एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरौली अहीर, खंदौली, सैयां और बाह में कोविड संक्रमण की तैयारी परखी गईं।
सीएमओ डॉ. अरूण श्रीवास्तव ने बताया कि यह मॉक ड्रिल कोविड के नए वैरियंट के संक्रमण के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर हुई। इसमें मेडिकल कॉलेज समेत अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अन्य विभागों से स्वास्थ्य टीम का और स्वास्थ्य टीम के आपस का समन्वय देखा गया। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जनपद में आक्सीजन और बेड की कोई कमी नहीं है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा की पूरी उपलब्धता है। सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें।
सीएमओ ने बताया कि चयनित सीएचसी पर नोडल अधिकारि नियुक्ति हैं। मॉक ड्रिल के दौरान जनपद में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित बेड, वार्ड और आक्सीजन की उपलब्धता देखी गई। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के पीकू वार्ड तैयार हैं। वहीं पीडियाट्रिक वार्ड भी तत्काल में उपयोग लाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित हैं। नए वैरियंट को देखते हुए कोविड मरीजों के लिए जनपद में 1402 जनरल बेड और 344 आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं। मॉक ड्रिल के दौरान पीकू वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ एसएम तोमर, डॉ एसएम प्रजापति, डॉ एसके राहुल, डॉ सुशील कुमार, डॉ दीपक कुमार, डॉ अरुण दत्त, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ बीएस चंदेल, स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी अनिल सत्संगी व अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।