आगरालीक्स….आगरा में 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां शुरू. श्री महालक्ष्मी मंदिर में 1 से 5 सितंबर तक बहेगी श्रीकृष्ण भक्ति की रसधारा, निशान यात्रा, पोशाक यात्रा, भजन संध्या और छप्पन भोग
यमुना तट बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में आयोजित होने वाले 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भट्टी पूजन के साथ हुआ। श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला पांच दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 1 सितंबर से 5 सितंबर तक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भट्टी पूजन के साथ ही महोत्सव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। आगामी दिनों में श्री महालक्ष्मी मंदिर परिसर श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा। पांच दिनों तक होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में देशभर से आने वाले कलाकार और भजन गायक अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे। मंदिर परिसर में आयोजित भट्टी पूजन में श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पार्षद हरिओम, अंशु मित्तल, विशाल अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, हेमेंद्र मोहता, भोलानाथ अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, दिलीप भंडारी, मनीष, मनीष एचआर, करतार चंद्र शास्त्री एवं सुमित बंसल ने सहभागिता की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित रमाकांत पांडे ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। पूजन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण एवं मां महालक्ष्मी से महोत्सव के सफल, निर्विघ्न और भक्तिमय आयोजन की प्रार्थना की गई। भट्टी पूजन के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए तैयार होने वाले प्रसाद एवं विशाल भंडारे की व्यवस्थाओं का भी शुभारंभ हो गया।
लगातार 18वें वर्ष श्रीकृष्ण भक्ति में डूबेगा आगरा
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि लगातार 18वें वर्ष आयोजित हो रहा श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आगरा के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस वर्ष भी महोत्सव को भव्य एवं दिव्य स्वरूप देने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पांच दिवसीय महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का शुभारंभ 1 सितंबर को भूमि पूजन, हवन एवं सुंदरकांड पाठ के साथ होगा। महोत्सव के अंतर्गत 2 सितंबर को मंदिर परिसर में ‘कान्हा के नाम की मेहंदी’ का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु और विशेष रूप से महिलाएं श्रीकृष्ण भक्ति के रंगों से सजी मेहंदी के माध्यम से उत्सव की खुशियां साझा करेंगी। इसी दिन शाम 7 बजे से पहली बार म्यूजिक भजन कंसर्ट का आयोजन होगा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वल्लभा बैंड अपनी शानदार भजन प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
3 सितंबर को प्रातः 7 बजे 1100 श्रद्धालु निशान लेकर भव्य भक्ति निशान यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा बल्केश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर तक जाएगी। निशान यात्रा का पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा एवं इत्रवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। जयकारों और भजनों के बीच निकलने वाली यह यात्रा शहर में श्रीकृष्ण और श्याम भक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित करेगी। इसी दिन शाम 6 बजे राधानगर से श्री महालक्ष्मी मंदिर तक पोशाक यात्रा निकाली जाएगी। इस वर्ष मां महालक्ष्मी को अर्पित की जाने वाली विशेष पोशाक लगभग 11 किलो वजन की होगी। वृंदावन से विशेष रूप से तैयार होकर आने वाली यह सतरंगी और आकर्षक पोशाक यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगी। 4 सितंबर की शाम महोत्सव का एक और प्रमुख आकर्षण भव्य श्याम बाबा का दरबार होगा। लगभग 40×100 फीट के विशाल मंच पर बाबा श्याम का दिव्य दरबार सजाया जाएगा।
प्रख्यात भजन गायक ब्रजराज सिंह लक्खा, कानपुर की शर्मा सिस्टर्स एवं पेटू व आलिया शर्मा अपनी मधुर भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। श्याम बाबा का विशेष श्रृंगार पंडित सीताराम शर्मा द्वारा किया जाएगा।
4 सितंबर को ही मां महालक्ष्मी का दरबार फूल बंगला वाटिका की विशेष थीम पर सजाया जाएगा। रंग-बिरंगे एवं सुगंधित पुष्पों से होने वाला श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगा। इस अवसर पर मां महालक्ष्मी को श्रद्धा और भक्ति के साथ छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। महोत्सव का समापन 5 सितंबर को विशाल शाम की रसोई के साथ होगा। आयोजकों के अनुसार 7000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं भोजन की विशेष व्यवस्था की जा रही है।