आगरालीक्स…Agra News : आगरा के चर्चित पुलिस हिरासत में मां के सामने बेरहमी से पीटने से बेटे की मौत के मामले में सीआईडी की जांच में इंस्पेक्टर, दरोगा सहित 17 पुलिस कर्मी को दोषी पाया गया। ( Agra News Raju Gupta Death Case: Officiating Inspector & 16 other Police person found guilty in CID, UP investigation#Agra )
गैलाना मार्ग स्थित नरेंद्र एन्क्लेव के रहने वाली विधवा रेनू गुप्ता अपने इकलौते बेटे 30 साल के राजू गुप्ता के साथ कॉलोनी में रह रहीं थी। उनके पड़ोस में कारोबारी अंशुल प्रताप रहते हैं। 19 नवंबर 2018 को अंशुल अपने परिवार के साथ हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहे थे, उस समय उनके घर पर पड़ोसी राजू बैठा हुआ था, उनके घर से सोने की ज्वैलरी से भरा बैग चोरी हो गया था। परिवार ने राजू पर शक किया था। 21 नवंबर को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किए बिना ही राजू को पकड़ लिया, उसकी मां को भी थाने बुलाया गया। आरोप है कि मां के सामने राजू को थाने में थर्ड डिग्री दी गई इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और 22 नवंबर 2018 को राजू की मौत हो गई थी। राजू गुप्ता की मौत के बाद पुलिस कर्मी थाना छोड़कर भाग गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान मिले थे। सिकंदरा थाने में अंशुल प्रताप, उनके बेटे विवेक और अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अकेली रह जाने पर बेटे के गम में रेनू गुप्ता की भी मौत हो गई थी।
सीआईडी ने की जांच
इस मामले की जांच मानवाधिकार आयोग ने सीआईडी को सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट में एसपी सीआईडी राजेंद्र यादव के अनुसार कहा है कि राजू गुप्ता की मौत के मामले सिकंदरा थाने में उस समय जो भी पुलिस कर्मी मौजूद था उसे दोषी बनाया गया है। अभियोजन स्वीक्रत के लिए फाइल शासन को भेजी गई है।
प्रभारी इंस्पेक्टर सहित 17 पुलिस कर्मी बनाए दोषी
इस मामले में घटना के समय सिकंदरा थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर अजय कौशल अवकाश पर थे, उनका चार्ज इंस्पेटर ऋषिपाल सिंह पर था, चार्जशीट में इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह, दरोगा ज्ञानेंद्र शर्मा, दरोगा तेजवीर सिंह, मुख्य आरक्षी राम किशन, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, रणजीत, आरक्षी हरीश चंद्र, ब्रजेश कुमार, कंप्यूटर आपरेटर हिमांक कुमार, आरक्षी संजीव कुमार, राजेश, सतेंद्र सिंह, संजीव, अनिल कुमार, जोगेश कुमार और आरक्षी चालक संजय कुमार को दोषी बनाया गया है।