आगरालीक्स…आगरा में कल से 25 अक्टूबर तक के लिए धारा 163 बीएनएसएस लागू. अपर पुलिस आयुक्त ने जारी किए नियम व पाबंदियां…पढ़िए पूरी खबर
आगरा पुलिस कमिश्नरेट में 6 सितंबर से 25 अक्टूबर तक के लिए धारा 163 बीएनएसएस लागू की गई है. अपर पुलिस आयुक्त की ओर से इस संबंध में नियम व पाबंदियां जारी की गई है. 06/07 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन, 16 सितंबर से 19 सितंबर तक रामबारात व जनकपुरी आयोजन, 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती, 22 सितंबर को महाराजा अग्रसेन जयंती, 22 सितंबर को नवरात्रि प्रारंभ, 2 अक्टूबर को दशहरा, 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती, 18 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक दीपोत्सव है.रामबदन सिंह, अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट आगरा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये पूर्व में दिये गये आदेशों के अतिरिक्त निम्नलिखित आदेश पारित करता हूँ-
1.पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह बिना पूर्वानुमति प्राप्त किये परीक्षा केन्द्रों के आस-पास एकत्रित नहीं होंगे। किसी प्रकार का प्रदर्शन, बिना कोई अनुमति झांकी, जुलूस आदि नहीं करेंगे, और न ही निकालेंगे।
- कोई भी व्यक्ति किसी स्थान पर ईंट पत्थर, रोडा, सोडावाटर की बोतल या अन्य कोई ऐसी वस्तु एकत्रित नही करेगा, जिसको चलाकर अथवा फेंक कर किसी को चोट पहुंचाई जा सके और न ही किसी को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा ।
- कोई भी व्यक्ति कोई ऐसा पर्चा / पम्पलेट आदि न तो प्रकाशित करायेगा न ही वितरित करेगा, जिसमें परीक्षा के आयोजन व शान्ति एवं कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की सम्भावना हो ।
- कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की अफवाह न तो फैलाएगा और न ही फैलाने के लिए किसी को प्रेरित करेगा ।
- आवागमन को बाधित करने वाला कोई भी सामान कोई भी दुकानदार अपनी दुकान के सामने कोई सामान नही रखेगा और न ही कोई ठेला अथवा फड़ लगायेगा जिससे आवागमन / यातायात व्यवस्था बाधित हो । प्रत्येक स्थिति में यातायात नियमों का पालन किया जायेगा ।
6.उपरोक्त अवधि में सार्वजनिक, सांस्कृतिक, धार्मिक / राजनीतिक कार्यक्रम शासन एवं प्रशासन की गाईड लाईन के अनुरूप रहेगें। - शासन की कोविड-19 कोरोना प्रोटोकॉल की गाइडलाइन का प्रत्येक व्यक्ति पालन करेगा ।
8.कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक मार्ग पर न तो जाम लगायेगा और न ही अन्य किसी को जाम लगाने हेतु प्रेरित करेगा ।
9.कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर मदिरा या मादक पदार्थ का सेवन करके विचरण नहीं करेगा।
10.कोई भी विभाग, पार्किंग ठेकेदार, दुकानदार, शॉपिंग माल, सिनेमाघर, सार्वजनिक परिसर एवं व्यवसायिक परिसर में बिना नम्बर के किसी भी वाहन को खड़ा नहीं होने देगा। खड़े पाये जाने पर तत्काल सम्बन्धित थाना
11.कोई भी व्यक्ति कमिश्नरेट आगरा में किसी सार्वजनिक स्थान पर लाउडस्पीकर, आदि का बिना अनुमति के प्रयोग नहीं करेगा।
12.आगरा शहर / देहात में प्रदूषण एवं जाम की भयावह स्थिति से यातायात प्रभावित होने एवं सड़कों पर विभिन्न निर्माणक कार्यों तथा शहर में चल रहे मेट्रों निर्माण कार्यों के दृष्टिगत कार्यक्रमों में बैण्ड बाजे के साथ चलने वाली साउण्ड ट्रॉली को पूर्णरूप से प्रतिबंधित किया जाता है। आदेश का अनुपालन न किये जाने पर वाहन स्वामी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नही करेगें, जिससे प्रदूषण एवं जाम की स्थिति उत्पन्न हो और प्रदूषण से किसी वृद्ध अथवा बच्चों को कठिनाईयों का सामना करना पड़े।
13.महत्वपूर्ण स्मारकों तथा वीवीआईपी / विशिष्ट महानुभावों एवं पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत ड्रोन नियमावली 2021 यथा संशोधन नियमावली 2023 में निर्गत दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन करेंगे।
14.यदि कोई ड्रोन संचालक/ मालिक ड्रोन के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जाये ।
15.यदि ड्रोन के उपयोग से किसी को नुकसान पहुँचता है, तो उपयोगकर्ता के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की
जाये।
16.ध्वनि यंत्र / डीजे संचालक अपने ध्वनि यन्त्र / डीजे आदि का प्रयोग मा0 उच्च न्यायालय एवं ध्वनि प्रदूषण विनियमन एवं नियंत्रण नियम-2000 यथा संशोधित में निर्गत दिशा-निर्देशों के क्रम में औद्योगिक क्षेत्र में दिन / रात्रि के समय 75/70 डेसीबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 / 55 डेसीबल, रिहायशी क्षेत्र में 55/45 डेसीबल तथा शान्त क्षेत्र में 50/40 डेसीबल अधिकतम ध्वनि तीव्रता निर्धारित की गयी है । इसका पूर्णतः अनुपालन आवश्यक रूप से किया जाए एवं उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी । चूँकि जनहित में तत्काल इस कार्यवाही को किया जाना आवश्यक है तथा इतना समय नहीं है कि किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह को नोटिस दिया जा सके, अतः यह आदेश एक पक्षीय पारित किया जा रहा है। यह आदेश दिनांक 06.09.2025 से 25.10.2025 तक प्रभावी रहेगा।
उपरोक्त आदेश की किसी धारा या अनुच्छेद का उल्लघंन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा ।