आगरालीक्स…आगरा के एसएन में आई डायबिटीज से ग्रस्त महिला. पैर को खून देने वाली मुख्य धमनी बंद होने से पैर सड़ने लगा था. काटने की थी स्थिति….सुपर स्पेशयलिटी में न सिर्फ पैर कटने से बचा बल्कि निशुल्क पैर की धमकी की स्टेंटिंग भी हुई…
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC), आगरा ने एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। कॉलेज के सुपर स्पेशयलिटी विभाग में एक 60 वर्षीय मधुमेह (Diabetes) से ग्रस्त महिला मरीज के पैर को कटने से बचाकर उसे नया जीवन दिया गया है। मरीज 'एक्यूट लिम्ब इस्कीमिया' (पैर को खून देने वाली मुख्य धमनी के बंद होने के कारण पैर का सड़ना) की गंभीर स्थिति में अस्पताल आई थी। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व इसी बीमारी के कारण मरीज का एक हाथ पहले ही काटना पड़ा था। इस बार उनके पैर की 'पॉपलीटियल' और 'एंटीरियर टिबियल' धमनियां पूरी तरह ब्लॉक थीं, जिससे पैर काटने तक की नौबत आ सकती थी । हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु यादव ने जटिल प्रक्रिया के माध्यम से पैर की धमनियों में स्टेंट डालकर रक्त संचार (Blood flow) को पूरी तरह बहाल कर दिया। वर्तमान में मरीज का पैर सुरक्षित है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं।एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि "हमारे डॉक्टरों का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से गरीब से गरीब मरीज को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है। यह केस इसलिए भी विशेष है क्योंकि गरीब मरीज का पूरा इलाज 'असाध्य रोग योजना' के अंतर्गत पूर्णतः नि:शुल्क किया गया है। एस.एन. मेडिकल कॉलेज मानवता की सेवा के लिए सदैव तत्पर है।"