आगरालीक्स…ड्रोन से अब क्या कुछ नहीं हो सकता है. आगरा में ड्रोन के जरिए बीज बोए गए. पांच हेक्टेयर क्षेत्र में हुआ ड्रोन सीडिंग कार्य. देखें वीडियो
जनपद में ड्रोन सीडिंग का अभिनव प्रयोग किया गया है। जनपद का अधिकतम वन क्षेत्र बीहड़ होने के कारण यहाँ पर पूर्व से ही बीज बुआन कर वृक्षारोपण कार्य कराया जा रहा है जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते रहे हैं परन्तु कतिपय ऐसे वन क्षेत्र जहाँ पर बरसात के समय पहुँचना दुरूह हो जाता है, वहाँ प्रायोगिक तौर पर ड्रोन सीडिंग के माध्यम से बीज बुवान कर वृक्षारोपण का एक अभिनव प्रयास किया जा रहा हैं जिसके लिए फतेहाबाद रेंज के अन्तर्गत धौर्रा वन ब्लाक में 5 हैक्टेयर क्षेत्र का चयन किया गया है।
फतेहाबाद रेंज के अन्तर्गत धौर्रा वन ब्लॉक में ड्रोन सीडिंग कार्य का शुभारम्भ आज मुख्य अतिथि डा. अरूण कुमार, मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंजू सिंह भदौरिया अध्यक्ष जिला पंचायत आगरा, गिर्राज सिंह कुशवाह जिलाध्यक्ष भाजपा, महेन्द्र सिंह प्रतिनिधि विधायक फतेहाबाद, ग्राम प्रधान उझावली तथा मनोज सिंह अपर मुख्य सचिव पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, संजय श्रीवास्तव अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक योजना एवं कृषि वानिकी, इन्दु शर्मा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आगरा जोन आगरा, ज्ञानेन्द्र कुमार निदेशक वन एवं वन्यजीव लखनऊ, वीके मिश्र वन संरक्षक आगरा वृत्त आगरा, आदर्श कुमार प्रभागीय निदेशक आगरा, अरविन्द कुमार मिश्र उप प्रभागीय वनाधिकारी आगरा, विशाल सिंह राठौर क्षेत्रीय वन अधिकारी फतेहाबाद तथा वन कर्मी उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री ने बताया कि यह एक बेहतर एवं आधुनिक प्रयास है यदि उक्त वृक्षारोपण की सफलता अच्छी पाई जाती है तो भविष्य में इसी तकनीकी का प्रयोग कर वनावरण वृद्धि के बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकेंगे।
इसमें मिट्टी व गोबर को मिलाकर छोटी छोटी गेंद का स्वरूप दिया जाता है जिसमे स्थानीय व बीहड़ क्षेत्र के लिए उपयुक्त प्रजाति जैसे नीम, शीशम, चिलबिल, अरु, छ्योंकर, बांस इत्यादि व फलदार प्रजाति जैसे जामुन, महुआ, शरीफा इत्यादि के 10 से 12 बीज अंदर उपलब्ध रहते हैं। इन सीड बॉल्स को Marut Drones द्वारा निर्मित ATGARC ड्रोन के माध्यम से वन क्षेत्र में डाला गया जो कि वर्षा जल से नमी पाकर अंकुरित होंगे। इस क्षेत्र की सुरक्षा व नियमित देखरेख की जाएगी।