आगरालीक्स…आगरा में हुआ तीन दिवसीय श्रीराधाष्टमी महोत्सव. कथा वाचक कीर्ति किशोरी ने किया श्रीकिशोरी की बाल लीलाओं का वर्णन. कहा-सिद्ध मंत्र है राधा-कृष्ण का युगल नाम
श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित महोत्सव समापन,
राधा-कृष्ण का युगल नाम सिद्ध मंत्र है, जिसके साक्षा स्वयं शिव शम्भू हैं। राधा-कृष्ण नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कथा वाचक कीर्ति किशोरी के राधे-कृष्ण, राधे-कृष्ण… के कीर्तन पर सभी भक्त झूमने लगे। श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा कमला नगर स्थित अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित तीन दिवसीय श्रीराधाष्टमी महोत्सव में आज कथा का समापन हुआ। कथा वाचक कीर्ति किशोरी ने किया श्रीकिशोरी की बाल लीलाओं का वर्णन किया। बताया कि वृषभानु सूर्यदेव का अवतार थे। राधारान और श्रीकृष्ण के जन्म से पूर्ण स्वयं साक्षात शनिदेव विराजे थे, कोकिला वन में।

व्यास पीठ पर विराजमान कीर्ति किशोरी जी ने राधाजी के अष्ट सखी दल, राधा-कृष्ण की लीलाओं के प्रसंगों का भक्तिमय और संगीतमय वर्णन किया। राधाजी ने पहली बार आंखे श्रीकृष्ण के दर्शन करते हुए ही खोली। राधा प्यारी जू के हाथों में सोने के कंगना…, मैया झुलावे, बाबा झुलावे, राधा किशोरी मेरी झूलत पलना हिलोर…, राधा जी गांव में बंसी बजावे प्यारों गोपाला… जैसे राधारानी के भजनों ने सभी भक्तों के हृदय को भक्तिमय कर किया। अंत में आरती कर सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जयमान प्रदीप गोयल, बबिता, राजकुमारी, अशोक अग्रवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष राधा बल्लभ अग्रवाल, महामंत्री भगवान दास बंसल, संयोजक संजय गोयल, संजय मित्तल, उमेश बंसल, रमेशचंद मित्तल, महिला समिति की अध्यक्ष अंशु अग्रवाल, सोनिया गर्ग, उर्मिल बंसल, दर्शिका मित्तल, निहारिका अग्रवाल, सीमा बंसल, रश्मि सिंघल, मीनू त्यागी, सीमा अग्रवाल आदि उपस्थित थीं। संचालन रुचि अग्रवाल ने किया।