आगरालीक्स…आगरा में मतदान के दौरान वोटरों ने पार्टी सिंबल को पसंद किया तो फतेहपुरसीकरी में प्रत्याशी के नाम पर पड़ा वोट..नोटा भी पसंद…
आगरा में मतदाताओं का फोकस पार्टी पर रहा
आगरा लोकसभा सुरक्षित सीट पर मतदान के दौरान दौरान मतदाताओं का नजरिया मुद्दे, जातिवाद, विकास कार्यों अथवा प्रत्याशी से ज्यादा राजनीतिक दलों के सिंबल पर रहा।
खिला-चला-चली नहीं, वोटर का दिमाग चला
मतदाता वोट डालने आए तो उनका रुख सीधे अपनी पार्टी के सिंबल मसलन फूल, हाथी, साइकिल पर रहा। इस बार फूल खिला, साइकिल चली अथवा हाथी मस्त चाल जैसी बातों से मतदाता भी बचते नजर आए। वोट डालने आईं महिलाएं हो अथवा पुरुष दोनों की राय उपरोक्त जैसी ही नजर आई।
युवा वर्ग ने भी पार्टी में बेहतर भविष्य तलाशा
युवा वर्ग में जरूर वोट डालने को लेकर अलग-अलग राय थी। विकास कार्यों के साथ रोजगार, देश-दुनिया की तरक्की पर अपनी-अपनी राय रखते हुए युवा वर्ग का कहना था कि उन्होंने अपने वोट ऐसी पार्टी को दिया है, जो युवाओं का भविष्य बेहतर कर सकती है।
फतेहपुर सीकरी में पार्टी संग प्रत्याशी की छवि हावी
फतेहपुरसीकरी लोकसभा चुनाव पर इस बार लोगों की विशेष निगाह रही है। इस लोकसभा सीट के मतदाता अपने प्रतिनिधि को चुनने में पार्टी सिंबल के साथ प्रत्याशी की छवि को भी ध्यान में रखते हैं। प्रत्याशी को बदलने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। इस चुनाव में मतदान के दौरान लोगों ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए मतदान किया। चुनाव में प्रत्याशियों की छवि, उनके कार्यों को लोगों ने अपनी पसंद का आधार बनाते हुए मतदान किया।
जातिवाद के सहारे बने त्रिकोणात्मक हालात
फतेहपुर सीकरी सीट के मतदाताओं ने जातिवाद का भी ध्यान रखा। जाट वोटों का बंटवारा हुआ तो ब्राह्मण वोट जातीय आधार के साथ पार्टी में भी बंटे। इसकी वजह से यहां के हालात पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गए हैं। इस लोकसभा सीट पर युवा वर्ग का नजरिया भी मिला-जुला रहा।