आगरालीक्स… आगरा की दीवानी में यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह हत्याकांड में इंस्पेक्टर सतीश यादव शाम को थाना न्यू आगरा पहुंचे, उनके बयान ने हत्या के कारण की गुत्थी उलझा दी है। अभी तक यह माना जा रहा था कि दरवेश सिंह के साथ इंस्पेक्टर सतीश यादव को देखकर मनीष शर्मा को गुस्सा आ गया था और दरवेश सिंह पर गोली चला दी थी। मगर, गुरुवार शाम को थाना न्यू आगरा पहुंचे इंस्पेक्टर सतीश यादव ने पुलिस को बयान दिए हैं कि वे घटना के समय चेंबर में नहीं थे।
यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष चुने जाने के बाद 12 जून को दरवेश सिंह आगरा के दीवानी पहुंची, यहां उनका स्वागत हुआ। वे वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के चेंबर में बैठी हुईं थी। आरोप है कि उनके साथ कई सालों से काम कर रहे अधिवक्ता मनीष शर्मा पहुंचे, उन्होंने दरवेश सिंह को चार गोली मारी, उनकी हत्या करने के बाद मनीष शर्मा के भी गोली लगी। मनीष शर्मा की हालत नाजुक है और मेदातां गुरुग्राम में इलाज चल रहा है।
इंस्पेक्टर सतीश यादव के बयान से उलझी गुत्थी
पुलिस छानबीन में सामने आया था कि चेंबर में आठ लोग थे, इसमें से एक इंस्पेक्टर मैनपुरी सतीश यादव भी बताए जा रहे थे, बताया जा रहा था कि सतीश यादव को देखने के बाद मनीष शर्मा को गुस्सा आया और गोली चला दी। इस मामले में पुलिस ने इंस्पेक्टर सतीश यादव को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दिया था। वे गुरुवार शाम को थाना न्यू आगरा पहुंचे, उन्होंने पुलिस से कहा कि वे घटना के समय चेंबर में मौजूद नहीं था, पूछताछ में बताया कि वे दरवेश सिंह को सात साल से जानते थे। मनीष शर्मा से कुछ दिन पहले ही परिचय हुआ था। इस मामले में पुलिस चार चश्मदीदों के बयान दर्ज कर चुकी है। अभी हत्याकांड के कारण का पता नहीं चल सकता है।
दांतों का इलाज कराने आए थे इंस्पेक्टर
इंस्पेक्टर ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि वे 12 जून को आगरा में दांतों का इलाज करारने आए थे, इसी दौरान वे दीवानी में दरवेश सिंह को बधाई देने के लिए पहुंच गए। वह चैंबर से बाहर निकलकर चले गए। कुछ दूर जाने के बाद गोलियां चलने की आवाज सुनकर चैंबर में पहुंचे। वहां दरवेश और मनीष दोनों को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। वह लोगों के साथ दरवेश को अस्पताल लेकर गए थे।