आगरालीक्स ..आगरा में सरेशाम कोठी में घुसकर डकैती करने वाले बदमाश अरेस्ट, लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी कोई काम न मिलने पर डाली डकैती
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की बरखा विहार कॉलोनी में 29 जुलाई को सेवानिवृत शिक्षक उमाशंकर शर्मा की कोठी में सरेशाम डकैती पड़ी थी। सीसीटीवी कैमरे में सात बदमाश कैद हुए थे। तीन-तीन बदमाश स्कूटर और बाइक पर सवार थे। एक बदमाश साइकिल पर था। क्राइम ब्रांच, एसओजी और सिकंदरा पुलिस ने सात बदमाशों को दबोच लिया। इनमें कौशलपुर, न्यू आगरा निवासी आशू उर्फ भानू प्रताप, राहुल नगर, जगदीशपुरा निवासी अभिषेक बघेल, बरौली अहीर निवासी गौरव चोपड़ा व उसका भाई अलतेश चोपड़ा, इंद्रपुरी, न्यू आगरा निवासी शिवम गुप्ता, दौरेठा नंबर एक, शाहगंज निवासी अर्जुन सिंह और छोटू उर्फ धनश्याम शामिल हैं। प्रेसवार्ता में एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गौरव चोपड़ा की परचून की दुकान है। कैटरिंग का काम करने वाला दीपक जैन और प्रदीप बघेल अभी फरार हैं। दीपक मोती कटरा का निवासी है। प्रदीप छीपीटोला में रहता है। घटना में दीपक जैन के साथ काम करने वाले उसके तीन कर्मचारी भी शामिल थे। वारदात के लिए सलाद काटने वाला चाकू लेकर आए थे। तमंचे का इंतजाम दीपक और गौरव चोपड़ा ने किया था। बदमाशों से लूटा गया मोबाइल, आर्टिफिशियल आभूषण, एक घड़ी, एक सोने की चेन, साइकिल और 42 हजार रुपये बरामद हुए हैं। घटना में प्रयुक्त दो बाइक और स्कूटर, दो चाकू और दो तमंचे भी बरामद किए गए हैं। पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद भी माैजूद रहे।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी काम ना मिलने पर डाली डकैती
बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा था, इसलिए डकैती डालने का प्लान बनाया। डकैती की घटना के दूसरे दिन पूरा गैंग बिचपुरी रोड के पास जमा हुआ था। वहां बीयर पार्टी हुई। घटना के तीसरे दिन पुलिस को बदमाशों की जानकारी हो गई थी। जयपुर में हलवाई का काम करने वाले बाइक चोरी में पकड़े गए थे। उन्होंने पुलिस से कहा था कि कोई काम धंधा बचा नहीं। मेहनत करना चाहते हैं मगर कोई काम नहीं दे रहा।