आगरालीक्स… यह आगरा का दीवानी चौराहा है, सतरेंगी रोशनी के बीच फुव्वारे चल रहे हैं। देश के साफ शहरों के सर्वे के लिए आगरा तैयार है। यहां जनवरी में स्वच्छता सर्वे होना है, इसके लिए सुबह से लेकर रात तक सफाई चल रही है। एमजी रोड को सजाया जा रहा है।
देश के शहरों में स्वच्छता के आकलन के बाद रैकिंग दी जा रही है। मई 2017 में जारी रैंकिंग में आगरा 263 वें स्थान पर था, अब जनवरी में स्वछता सर्वेक्षण हो रहा है। इसमें आगरा भी शामिल है, यहां भी स्वच्छता सर्वेक्षण होगा, इसके आधार पर आगरा को रैंकिंग दी जाएगी।
एमजी रोड का मेकओवर
एमजी रोड को सजाया गया है, दीवारों पर पेंटिंग करने के साथ ही फुटपाथ तैयार किए गए हैं, चौराहों को सजाया जा रहा है। दीवानी चौराहे पर फुव्वारे चलने लगे हैं, सूर सदन चौराहे को पीछे किया गया है। इसी तरह से अन्य चौराहों को सजाया जा रहा है।
4 मई को जारी सूची में आगरा 263 नंबर पर
चार मई 2017 को देश के साफ शहरों की सूची जारी की गई है, इसमें आगरा 263 वे नंबर पर है, गुरुवार को यह सूची देश के 434 शहरों व नगरों में कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के आधार पर केंद्र सरकार ने जारी की है।
केंद्र सरकार द्वारा से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत देश के सबसे साफ शहरों की जारी की गई सूची में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर है। सूची में नई दिल्ली सातवें और लखनऊ 269वें स्थान पर है। जबकि आगरा 263 वें स्थान पर है। देश के 434 शहरों एवं नगरों में कराये गए स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने स्वच्छ भारत रैंकिंग जारी की है।
देशभर में कराए गए सर्वे में शामिल 83 प्रतिशत से अधिक लोगों ने माना था कि स्वच्छ भारत अभियान चलाए जाने के बाद से उनका क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में अधिक स्वच्छ हुआ है। सर्वे में कहा गया है कि 404 शहरों और कस्बों के 75 प्रतिशत आवासीय क्षेत्र में अधिक स्वच्छता देखी गई। इसके साथ ही 185 शहरों में रेलवे स्टेशन के आसपास का पूरा इलाका स्वच्छ बताया गया है।
इस तरह हुआ सर्वे
सर्वेक्षण में ठोस कचरा प्रबंधन, घर-घर से कूड़ा उठाव, सड़कों की सफाई, कचरे का निष्पादन, निजी व सामुदायिक शौचालय की स्थिति, सफाई को लेकर लोगों की आदतों में सुधार और सफाई को लेकर शिक्षा को आधार बनाया गया था। शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से क्वालिटी काउंसिल का गठन किया गया था।केंद्र सरकार इससे पहले दो सर्वेक्षण करा चुकी है। पहली बार सर्वेक्षण 2015 में कुल 476 शहरों का किया गया था। इसके बाद सर्वेक्षण 2016 में देश के दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले 73 शहरों का सर्वेक्षण हुआ।
इन बिंदुओं पर हुआ सर्वे
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, गली-मोहल्लों सफाई, सार्वजनिक शौचायलों में सफाई, अस्पतालों में सफाई, शहर के अंदर सफाई के लिए जागरुकता अभियान, ओडीएफ, कचरा निष्पादन, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, स्वच्छ पेयजल।