आगरालीक्स …आगरा के प्राचीन श्री रामचंद्र मंदिर से 300 साल पुरानी मूर्तियां गायब। मंदिर की स्थापना अकबर के नवरत्न टोडरमल द्वारा की गई थी।
लोहामंडी जटपुरा-खातीपाड़ा स्थित प्राचीन श्रीराम चंद्रजी का मंदिर से मूर्तियां गायब हो गई हैं। 15 दिन पहले हाल ही में क्षेत्रीय लोगों ने लोहामंडी थाने में तहरीर देकर चोरी हुई मूर्तियों की जानकारी दी, मगर पुलिस भी मामले को रफा दफा करने की नीयत से सिर्फ दोनों पक्षों से मिल बैठकर बातचीत करने की ही सलाह देती नजर आ रही है। प्रभारी निरीक्षक लोहामंडी आशीष कुमार शर्मा का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मंदिर के पुजारी और समिति के बीच का विवाद सामने आया है, मूर्तियां चोरी नहीं हुई है।
अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा प्राचीन मंदिर
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार इसकी स्थापना अकबर के नवरत्नों में एक टोडरमल द्वारा की गई थी। एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) द्वारा 1991 में मंदिर की सभी मूर्तियों का सर्वेक्षण किया गया, जो 300 से अधिक वर्ष पुरानी थीं। इस मंदिर से आयोजित होने वाला दशहरा आगरा की प्रसिद्ध राम बारात से भी ज्यादा प्राचीन है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार किसी जमाने में दशहरा डोलों में निकलता था। इसके बाद बैलगाड़ियों में और अब आधुनिक आकर्षक झांकियां दशहरे की सवारी में निकलती हैं।
लगभग 3000 गज क्षेत्र में फैले इस मंदिर के बड़े भाग पर आज 30-40 वर्ष पुराने किराएदारों का कब्जा है। मंदिर से कई प्राचीन और कीमती मूर्तियां गायब हो चुकी हैं। मंदिर के नाम से राजामंडी बाजार व किनारीबाजार में बहुत सी दुकाने थी, वह भी बेची जा चुकी हैं। हालाकि पहले इन्हीं दुकानों के किराए से मंदिर का खर्चा चला करता था। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष स्व. जगनप्रसाद गर्ग (विधायक) थे। इसके बाद कोई चुनाव नहीं हुए बल्कि कमेटी में भी दो फाड़ गया है। इसी का लाभ क्षेत्र के भूमाफिया उठा रहे हैं और यह प्राचीन मंदिर धीरे-धीरे गुमनामी की दिशा में बढ़ रहा है। मंदिर में पूजा पाठ करने आने वाले भक्तों से दुर्व्यवहार किया जाता है। लगभग 15 दिन पहले हाल ही में क्षेत्रीय लोगों ने लोहामंडी थाने में तहरीर देकर चोरी हुई मूर्तियों की जानकारी दी, मगर पुलिस भी मामले को रफा दफा करने की नीयत से सिर्फ दोनों पक्षों से मिल बैठकर बातचीत करने की ही सलाह देती नजर आ रही है।