आगरालीक्स…Video…आगरा में हजरत अली के जश्ने विलादत (जन्मोत्सव) पर हुआ मुशायरा. मशहूर शायरों ने हज़रत सय्यदना इमाम अली मुर्तज़ा की शान में पेश किए कलाम…
इस्लाम धर्म के पहले इमाम और चौथे खलीफा अमीर उल मोमिनिन जिनको दुनिया अली शेरे खुदा हैदरे क़रार के नाम से जानती है, दामाद रसूल सूफ़ी संतों के प्रथम गुरू का जन्म 17 मार्च 600 (13 रज्जब 20 हिजरी पूर्व) मुसलमानों के तीर्थ स्थल काबा के अन्दर हुआ था। वे पैगम्बर मुहम्मद (स.) के चचाजा़द भाई और दामाद थे और उनका चर्चित नाम हज़रत अली है का जश्ने विलादत (जन्मोत्सव) आगरा में खानकाह आलिया कादरिया चिश्तिया नियाजिया मेवा कटरा (शाह कॉम्पलैक्स)में निहायत धूमधाम से मनाया गया राजनीतिक और आध्यात्मिक रूप से शिया और सुन्नी दोनों के लिए हज़रत इमाम अली महत्वपूर्ण है।
शाम 6 बजे हज़रत फ़ैज़ अली शाह ने बयान किया और मीलाद ए हज़रत इमाम अली पढ़ा हज़रत अली की जीवनी,चरित्र और शिक्षाओं के बारे में बताया रात्रि में 8:30 बजे से एक मुशायरा आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सज्जादा नशीन मुर्शिदना मौलाना सय्यद अजमल अली शाह क़ादरी चिश्ती नियाज़ी ने फरमाई. कार्यक्रम में मशहूर शायरों ने हज़रत सय्यदना इमाम अली मुर्तज़ा की शान में अपने कलाम पेश किये।
इन शायरों ने पेश किए कलाम
सय्यद रिज़वान अहमद नियाज़ी क़रार अकबराबादी,
अमीर अहमद एडo अकबराबादी
हाजी अफजा़ल नियाजी
अंजुम अकबराबादी
मौलाना राज बिकानेरी
इक़बाल हसन रामपुरी
दिलकश जालौनवी
शाहिद नदीम अकबराबादी
सईद उल्लाह माहिर अकबराबादी
सईद अहमद अकबराबादी
मक़सूद अकबराबादी
कार्यक्रम का संचालन शाहिद नदीम ने किया. कार्यक्रम में सैयद शब्बर अली शाह, सय्यद मोहतिम अली शाह, सय्यद डॉ फाइज़ अली शाह सय्यद नक़ी अली शाह,सय्यद शमीम अहमद शाह सय्यद शफ़क़त अहमद ,सय्यद मसूद अहमद सय्यद महमूद उज़्ज़ामा सय्यद अश्फ़ाक अहमद गुड्डू ,मुनव्वर अली खाँ हाजी अल्ताफ़ हुसैन ,डाक्टर लताफत अली ,हाजी मोहम्मद इलियास अख्तर हाजी इम्तियाज अहमद हाजी मोहम्मद इलियास अख़्तर, हाजी तौफ़ीक़, अख़्तर उवैसी नियाज़ी,लईक़ उवैसी नियाज़ी,नयाब उवैसी नियाज़ी,एजाज़ उवैसी नियाज़ी,निसार अहमद शाहरूख़ नियाज़ी, शदाब नियाज़ी, सनी नियाजी़ ,सय्यद महबूब अली ज़ाहिद हुसैन मुज़फ़्फ़र हुसैन गुड्डू करम ईलाही शान, ईलाही, हामिद अली ,जमाल अहमद नियाज़ी,इस्राईल नियाज़ी अनस उवैसी अफ़ज़ल उवैसी अमिर क़ादरी असग़र उस्मानी सय्यद मुर्तज़ा अली सय्यद तनवीर अली शमीम क़ुरैशी जमील नियाज़ी,आरिफ़ नियाज़ी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।