आगरालीक्स ..(पूरी खबर)..आगरा की डॉ दीप्ति अग्रवाल की मौत, फ्लैट में फंदे पर लटकी मिली थीं, डॉ दीप्ति, चार दिन से चल रहा था इलाज।
आगरा कार्डियक सेंटर के संचालक डॉ एससी अग्रवाल के छोटे बेटे ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सुमित अग्रवाल की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ दीप्ति अग्रवाल ने तीन जुलाई केा को विभव नगर स्थित वैली व्यू अपार्टमेंट में अपने फ्लैट में फांसी लगाकर सुसाइड की कोशिश की,डॉ. सुमित अग्रवाल ने दरवाजा तोड़कर डॉ दीप्ति को फंदे से नीचे उतारा। गंभीर हालत में अपने सफायर हॉस्पिटल में वेंटीलेटर पर रखा, गंभीर हालत में डॉ दीप्ति को फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया। गुरुवार को चिकित्सकों ने उन्हें म्रत घोषित कर दिया।
फ्लैट किया सील
मंगलवार को पुलिस डॉ सुमित के फ्लैट नंबर 204 पहुंची, जिस कमरे में डॉ दीप्ति ने सुसाइड का प्रयास किया उसे चेक किया, वहां से पुलिस को 18 लाइन का एक सुसाइड नोट मिला है, इसमें उन्होंने किसी को भी अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।परिजन डॉ दीप्ति का इलाज करा रहे हैं, पुलिस ने फ्लैट को सील कर दिया है।
कौन है क्रिशिव
सुसाइड नोट में लिखा है कि शायद मैने देरी कर दी।
क्रिशिव के साथ चले जाना चाहिए था। क्रिशिव कौन है, इस बारे में पुलिस जांच कर रही है।
सुसाइड नोट
महिला डॉक्टर ने सुसाइड का प्रयास करने से पहले सुसाइड नोट छोडा है, इसमें महिला चिकित्सक ने लिखा है कि मैं अपनी जिंदगी से हार गई।
यह लिखा है सुसाइड नोट में
मैं अपनी जिंदगी से हार गई। न कुछ कर पाई न कर पाऊंगी।
माफ कर दीजिएगा आफ सुमित।
सुनिए इनाया का मेरी ख्याल रखिएगा।
आपके मम्मी पापा से भी माफी मांगती हूं।
हो सके तो माफ कर देना।
शायद मैने देरी कर दी।
क्रिशिव के साथ चले जाना चाहिए था।
मेरे मरने के बाद मेरा सब कुछ इनाया का।
बस ये ही गुजारिश करूंगी डॉक्टर साहब।
इनाया का ख्याल रखना और प्लीज इनाया के लिए किसी की बातों में मत आना।
पता है जो करने जा रही हूं वह ठीक नहीं।
बहुत प्यार करती हूं आपसे, इसलिए अलग होने से भी डरती हूं। इसलिए जान देना ही ठीक रहेगा।
कोसी वाले मम्मी पापा से भी कहना अपना ख्याल रखें।
बस आप मेरी इनाया का ख्याल रखना।