आगरालीक्स ……जानतें हैं गर्भवती को सबसे ज्यादा क्या परेशानी होती है। आगरा की स्त्री रोग विशेषज्ञों की कार्यशाला में बताया गया कि कांस्टीपेशन यानी पेट साफ न होने की समस्या से गर्भवती परेशान रहती हैं।
गर्भावस्था में होने वाली कई तरह की समस्याओं, उनके लक्षण, बचाव और उपचार पर आगरा ऑब्स एंड गायनी सोसायटी की एक कार्यशाला गुरूवार को फतेहाबाद रोड स्थित अमर होटल में हुई। पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (पीसीओडी) में खान-पान से जुड़ी चुनौतियों पर जानकारी देते हुए पोषण सलाहकार रचना अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं को अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वजन कम रखने की कोशिश करनी चाहिए। प्रोटीन, सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए। जबकि जंक फूड, तली, भुनी चीजें अधिक कैलोरी वाली चीजें सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं। दूसरे सत्र में डॉ. कैलाश विश्वानी ने प्रेग्नेंसी में कॉन्स्टीपेशन विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि गर्भावस्था में महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिसमें कॉन्स्टीपेशन भी शामिल है। पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। ऐसे में फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए। फल, सलाद, आलू, दलिया इन सभी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो भोजन को अच्छी तरह पचाने में मदद करता है। नियमित रूप से पानी पीना चाहिए। सब्जी और दाल का सूप, जूस आदि का सेवन करना चाहिए। बिना चिकित्सक की सलाह के दवा नहीं लेनी चाहिए और चिकित्सक की सलाह से ही हल्का व्यायाम करना चाहिए। तीसरे सत्र में डॉ. तनवीर ने प्रेग्नेंसी में यूटीआई के मैनेजमेंट पर जानकारी दी। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. संध्या अग्रवाल, डॉ. तनवीर ने की।

एओजीएस कीं अध्यक्ष डॉ. आरती मनोज ने बताया कि कार्यशाला के सभी विषय प्रेग्नेंसी के दौरान संभावित दिक्कतों से जुडे़ थे। विशेषज्ञों ने इस पर आपसी ज्ञान को साझा किया। सचिव डॉ. सविता त्यागी ने बताया कि पीसीओएस एक हार्माेनल बीमारी है जो महिलाओं को होती है। इस बीमारी के लक्षण लाइफ स्टाइल और खानपान में बदलाव कर कम किए जा सकते हैं। एक पैनल डिस्कशन हुआ जिसमें प्रो. सरोज सिंह, डॉ. तनवीर, डॉ. रेखा रानी, डॉ. सोनल गुप्ता, डॉ. विजय त्यागी ने चर्चा की। मध्यस्थता डॉ. आरती मनोज और डॉ. मीनल जैन ने की। डॉ. भावना सिंह और डॉ. महिमा उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया।