आगरालीक्स… आगरा के आंबेडकर विवि की बीएड फर्जीवाडे में पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष को को सीबीआई कोर्ट ने जेल भेज दिया, वह छह महीने से विवि से गायब चल रहा था, कोर्ट ने कुर्की का नोटिस जारी किया था। पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष हरीश कसाना ने बुधवार को सीबीआई कोर्ट, लखनऊ में सरेंडर किया, कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
आगरा के आंबेडकर विवि में बीएड सत्र 2004 05 में पैसे लेकर छात्रों के नंबर बढाए गए, साथ ही रोल नंबर जनरेट कर छात्रों का रिकॉर्ड गोपनीय चार्ट में दर्ज कर लिया गया। इस मामले में जांच कर रही एसआईटी ने 4000 से अधिक फर्जी छात्र पकडे हैं। विवि के पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष हरीश कसाना सहित एक दर्जन कर्मचारी बीएड के चार्ट में फर्जी छात्रों का रिकॉर्ड दर्ज करने के आरोपी हैं। इसी प्रकरण में एसआईटी ने 25 अक्तूबर 2017 को विवि के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था। वे भी जेल गए थे। इनमें स्वामी शरण, सतेंद्र पाल सिंह, लक्ष्मण सिंह और साकेत प्रसाद शामिल हैं। वहीं पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष हरीश कसाना विवि से गायब हो गया था, वह छह महीने से विवि नहीं आ रहा था, इस पर विवि ने हरीश कसाना को निलंबित कर दिया था।
एसआईटी कर रही थी तलाश
कोर्ट ने पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष हरीश कसाना के कुर्की के आदेश जारी किए थे, इसके साथ ही एसआईटी भी हरीश कसाना की तलाश में जुटी थी। इसी बीच बुधवार को हरीश कसाना ने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया, कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। इस मामले में विवि के कई और अधिकारी और कर्मचारी अरेस्ट होने हैं।
शिक्षक हो रहे बर्खास्त
वहीं, फर्जी बीएड की मार्कशीट से नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जा रही है, अभी एक दर्जन शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं, करीब तीन हजार शिक्षकों की सूची बीएसए के माध्यम से तैयार की गई है। ये भी बर्खास्त किए जाने हैं।