आगरालीक्स… आगरा में ब्लाइंड बच्चों की प्रस्तुति ने आंखों में उजाला कर दिया, मन की आंखों से देखकर रखते हैं चांद पर जाने का इरादा बस हौसले हमारे यूं ही बनें रहें। 17 ब्लाइंड बच्चों का अभिनय दिल को छू गया।
बुधवार को सूरसदन में ‘नंदन कथा’ की प्रस्तुति दी गई, अभिनय करने वाले 17 बच्चे जन्मजात ब्लाइंड थे और तीन वे थे जो दुनिया की चकाचौंध देख सकते थे लेकिन आंखों पर पटटी बांध ली थी।
यह था नाटक
यह नाटक एक आंख से ब्लाइंड नंदन पर आधारित था, नंदन ब्लाइंड था, इसलिए उसके पिता उसे दिव्यांग मानते हुए हीन भावना से देखते थे। नंदन अपनी मां और भाई के स्नेह में जीवन के अंधेरे जीवन से जीत हासिल करने का प्रयास कर रहा था। नाटक में बिलेन बने जीवन सिंह की बातों में आकर नंदन के पिता उसकी जान के दुश्मन बन जाते हैं। नंदन अपनी प्रतिभा से संगीतज्ञ बनता है। लेखक एवं निर्देशक रंगकर्मी भारत रत्न भार्गव ने बखूबी साकार किया। हर दृश्य मार्मिक अभिनय से सजा था। नाटक की प्रस्तुति नाट्य कुलम व रवींद्र सोसायटी, जयपुर के कलाकारों ने दी। नंदन की भूमिका में अंशुल था, वह जन्म ब्लाइंड है। तीसरी कक्षा का छात्र अंशुल करीब तीन वर्ष पहले नाट्यकुलम से जुड़ा था। सशक्त अभिनय के साथ अंशुल के स्वर भी बेजोड़ लगते हैं।