आगरालीक्स… आगरा में लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकें, इसके लिए आज आगरा एयर एक्शन प्लान लांच किया जा रहा है। इसके तहत आवासीय कॉलोनी में 33 फीसद क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट की स्थापना और निर्माण व ध्वस्तीकरण नियम, 2016 का पालन 15 दिन में कराया जाएगा।
आगरा जिले के शहरी क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) द्वारा तैयार एयर एक्शन प्लान को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने एप्रूव्ड किया है।
शनिवार को होटल आइटीसी मुगल, आगरा में इसे उप्र के मुख्य सचिव डॉ अनूपचंद्र पांडे द्वारा लांच किया जाएगा। इसमें किए जाने वाले कार्यो को समयावधि के अनुसार शॉर्ट और लांग टर्म में बांटा गया है। यूनाइटेड नेशंस इनवायरमेंट प्रोग्राम के कंट्री हैड अतुल बगई, उप्र की प्रमुख सचिव पर्यावरण कल्पना अवस्थी, उप्र सरकार के सलाहकार केशव वर्मा, संयुक्त सचिव आवास और शहरी मामले वीके जिंदल, सीपीसीबी के चेयरमैन एसपीएस परिहार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रलय के सचिव सीके मिश्र, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रलय की प्रीति सौदान के साथ स्थानीय अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
ये है प्लान
सार्वजनिक परिवहन को इलेक्टिक बसों का संचालन व चार्जिग स्टेशन की स्थापना। 360 दिन
एक्सप्रेस-वे, बाइपास के निर्माण को प्लान बनाया जाना। 360 दिन
शहर के बाहर रोड बनाना, जिससे कि बाहर से आने वाले वाहन बाहर के बाहर ही निकल जाएं। 360 दिन
मल्टीलेवल पार्किंग की स्थापना। 360 दिन
मेट्रो, रेलवे व बस स्टेशन पर बाइक जोन व साइकल जोन बनाया जाना। 360 दिन
डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने को उचित उपकरणों का प्रयोग। 360 दिन रोड डस्ट पर नियंत्रण को लांग टर्म प्लान
मास्टर प्लान के अनुसार शहर में 33 फीसद हरित क्षेत्र बनाना। 180 दिन
नालों के किनारे खुली जगह पर ईंटें लगाना और पौधरोपण करना। 360 दिन
बायोमास, फसलों के अवशेष, कूड़ा-करकट आदि के लिए लांग टर्म प्लान
खुले में जलने वाले बायोमास, फसल अवशेष, कूड़ा आदि के खिलाफ व्यापक अभियान चलाना। 90 दिन
म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट के जलने की नियमित मॉनीटरिंग। 90 दिन
हॉर्टिकल्चर वेस्ट का उचित संग्रहण और उसका निवारण। 90 दिन
कृषि अवशिष्टों के जलने पर प्रतिबंध लगाना। 180 दिन।
उद्योग से होने वाले प्रदूषण को रोकने को लांग टर्म प्लान
ईंट भट्टों में जिगजैग तकनीक का उपयोग। 360 दिन
फैक्ट्री व औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नियंत्रण डिवाइस की स्थापना। 180 दिन
एक्यूआइ की मॉनीटरिंग को मोबाइल फैसिलिटी/वैन की स्थापना। 360 दिन
निर्माण व ध्वस्तीकरण से होने वाले प्रदूषण को रोकने का प्लान