आगरालीक्स…(9 January 2022 Agra News) आगरा सहित पूरे यूपी में बीते 24 घंटे में मिले 7695 कोरोना पॉजिटिव. सीएम योगी ने दिए नाइट कर्फ्यू, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर निर्देश…
उत्तर प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. बीते 24 घंटे के अंदर प्रदेश में 7695 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है जबकि इस दौरान दो लाख, 22 हजार 974 लोगों की कोरोना जांच की गई. इस अवधि में केवल 253 लोग ही कोरोना से ठीक हो सके. प्रदेश में इस समय कोरोना के एक्टिव केस की कुल संख्या वर्तमान में 25,974 है. इनमें 25,445 लोग होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं.
सीएम ने की टीम 9 के साथ बैठक
रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम 9 के साथ कोरेाना की समीक्षा बैठक ली. उन्होंने प्रदेश में बढ़ते कोरोनो मरीजों को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संक्रमण वायरल फीवर की तरह है, लेकिन संक्रमण की रोकथाम हेतु सभी एहतियात अवश्य बरते जाएं. उन्होंने कहा कि कोविड की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सभी जनपदों में रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू प्रभावी किया जाए. इसके अतिरिक्त, सभी शिक्षण संस्थानों में आगामी 16 जनवरी तक भौतिक रूप से पठन-पाठन स्थगित रखा जाए।

आवश्यक कदम उठाने के निर्देश
बैठक में टीम 9 ने सीएम को अवगत कराया गया है प्रदेश में ट्रेसिंग, टेस्टिंग, त्वरित ट्रीटमेंट और टीकाकरण की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित है. सीएम ने कहा कि टीके की उपयोगिता को देखते हुए जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों का वैक्सीनेशन किया जाए. माध्यमिक विद्यालयों में विशेष शिविर लगाए जाएं. 15 जनवरी तक 15-18 आयु वर्ग के 100 फीसदी किशोरों को टीके की पहली डोज जरूर प्राप्त हो जाए. सावधानी और सतर्कता ही कोविड नियंत्रण का आधार है. संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं. मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है.
जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता हो सुनिश्चित
बैठक में सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यकतानुसार लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए. कोविड के उपचार में उपयोगी जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए. निगरानी समितियां और इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर्स को पूर्णतः सक्रिय किया जाए. होम आइसोलेशन, निगरानी समितियों से संवाद, एम्बुलेंस की जरूरत और टेली-कंसल्टेशन के लिए पृथक नंबर जारी किए जाएं.निराश्रित बुजुर्गों व लोगों, दिव्यांगजनों पर विशेष ध्यान दिया जाए. ऐसे व्यक्ति यदि संक्रमित होते हैं तो उनके साथ पूर्ण संवेदनशीलता का भाव रखते हुए पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके समुचित इलाज, भोजन आदि की व्यवस्था करें. उन्होंने कहा कि 15 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन दिया जा रहा है. यदि किसी के पास राशन कार्ड भी नहीं है, तो उन्हें दोनों समय फूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएं. कोविड के पिछले अनुभवों के आधार पर सामुदायिक भोजनालयों का संचालन शुरू कराया जाए.