आगरालीक्स… अक्षय तृतीया (आखा तीज) 22 अप्रैल को। बिना मुहूर्त शुभ कार्य का दिन। माता लक्ष्मी-भगवान विष्णु की पूजा से अक्षय समृद्धि की प्राप्ति, जानें सरल उपाय।

त्रेता युग का हुआ था आरंभ

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना गया है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आखा तीज मनाई जाती है। यह वर्ष का सबसे शुभ दिन माना गया है। इस दिन त्रेता युग का आरंभ भी माना जाता है।
मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कैसे करें पूजा
इस दिन सुबह स्नान करके माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए। कहा जाता है ऐसा करने से घर में समृद्धि आती है।
आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर किन छह शुभ योगों का संयोग बन रहा है। साथ ही जानिए किन उपायों को करके आप मां लक्ष्मी की कृपा सकते हैं।
अक्षय तृतीय कब से कब तक
हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 22 अप्रैल दिन शनिवार को सुबह 07 बजकर 49 मिनट से शुरू हो रही है। यह तिथि अगले दिन 23 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 47 मिनट तक है। ऐसे में इस वर्ष अक्षय तृतीया 22 अप्रैल 2023 को मनाई जाएगी।
1-अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से दांपत्य जीवन खुशहाल होता है। जीवन में धन, वैभव की प्राप्ति के लिए लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा भी करें।
2-अक्षय तृतीया के दिन एक कलश लेकर उसमें साफ जल भर लें। उसके बाद इसमें थोड़ा सा गंगाजल मिला दें। फिर इस कलश को किसी ब्राह्मण को दान कर दें। ऐसा करने से सभी तीर्थों के पुण्य के समान फल की प्राप्ति होती है।
3-करियर में सफलता के लिए अक्षय तृतीया के दिन आपको विष्णु भगवान को चंदन का टुकड़ा अर्पित करना चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।
अक्षय तृतीय पर बन रहे शुभ संयोग
1-आयुष्मान योग – प्रात: काल से लेकर सुबह 09 बजकर 26 मिनट तक
2-सौभाग्य योग – सुबह 09 बजकर 26 मिनट से पूरी रात तक
3-त्रिपुष्कर योग – सुबह 05 बजकर 49 मिनट से सुबह 07 बजकर 49 मिनट तक
4-रवि योग – रात में 11 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर अगली सुबह 05 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगा
5-सर्वार्थ सिद्धि योग – रात 11 बजकर 24 मिनट से अगले दिन सुबह 05 बजकर 48 मिनट तक रहेगा
6-अमृत सिद्धि योग – रात 11 बजकर 24 मिनट से अगले दिन सुबह 05 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।