मथुरालीक्स….. जिंदगी और कुछ भी नहीं तेरी मेरी कहानी है, गीतकार संतोष आनंद के बेटे और पुत्रवधु के इंटरसिटी के सामने कूद कर सुसाइड करने के हाईप्रोफाइल मामले में क्राइम ब्रांच ने लगाई अंतिम रिपोर्ट यानी एफआर।
लोकनायक जय प्रकाश नारायण नेशनल इंस्टीटयू आफ क्रिमिनोलाॅजी एंड फोरेंसिक साइंस, दिल्ली में प्रवक्ता संकल्प आनंद ने पत्नी नरेश नंिदनी के साथ 15 अक्टूबर 2014 को कोटवन, कोसीकलां के पास आगरा दिल्ली रेलवे ट्रैक पर इंटरसिटी के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली थी।
इस मामले में 10 पन्नों के सुसाइड नोट के आधार पर कोसीकलां थाने में इंस्टीट्यूट के डीजी कमलेंद्रए तत्कालीन डीआइजी संदीप मित्तल, डीडीएस चाटोपाध्याय, एमके डागा, सिम्मी सकेश्वर, अमित सखेधर, रही गांगुली, गौरीशंकर, एलबी सिंह, सुधीर, अजय ठाकुर, फारुख, हाजी पिस्मी सहित 38 लोगों के खिलाफ आत्महत्या को प्रेरित करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। नाौ साल तक चली जांच में आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच को कोई सुबत नहीं मिले, इस हाईप्रोफाइल मामले में एफआर लगा दी गई है। एसपी क्राइम अरविंद कुमार मिश्र का मीडिया से कहना है कि विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर एफआर लगाई गई है इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
250 करोड़ के फर्जी प्रोजेक्ट का मामला
पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस इंस्टीटयूट में संकल्प काम कर रहे थे, उसकी दिल्ली के रोहिणी इलाके में लैब और हाॅस्टल बनाने का ठेका दिलाने के लिए लोगों से 250 करोड़ रुपये लिए गए थे। जबकि इस तरह का कोई प्रोजेक्ट नहीं था, इस मामले में संकल्प आनंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी, होम मिनिस्ट्री द्वारा कराई गई गोपनीय जांच में मामला सही पाया गया था।
मेरे बेटो को मिले न्याय
गीतकार संतोष आनंद कई मंचों से अपने बेटे को न्याय दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, भावुक होते हुए संतोष आनंद कई बार कह चुके हैं कि बड़े जतन से संकल्प का जन्म हुआ था,उसे किसी की नजर लग गई।