आगरालीक्स…छोटी दिवाली पर हनुमान जी की और माता धूमावती की पूजा का महत्व. जनिए कब और कैसे करें पूजा..
19 अक्टूबर 2025 दिन रविवार छोटी दीपावली, नरकचतुर्दशी पर यम दीपदान घर के मुख्य द्वार पर जलने वाला दीपक रविवार 19 अक्टूबर शाम के समय प्रदोष काल में साँय 05:30से 07:30 के बीच मे (19 अक्टूबर दिन रविवार दोपहर 01:51 से चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी. इसमें छोटी दीवाली की पूजा करना लाभकारी रहेगा. चतुर्दशी तिथि 20 अक्टूबर दिन सोमवार की दोपहर 03:44 तक मान्य होगी. इसके बाद अमावस्या तिथि श्री महालक्ष्मी पूजा दीपावली का उत्सव प्रारंभ हो जाएगा.
माता धूमावमी की पूजा ऐसे करें
अतः घर का मुखिया एक थाली में चने की दाल, खील बतासे धूपबत्ती 1 घंटी में पानी सरसों का तेल का दीपक और ₹1 का सिक्का लेकर दीपक जलाते हैं. जला हुआ दीपक रखने के बाद धूपबत्ती चलाएं और मंत्र “ओम धूमं धूमं धूमावती स्वाह” की एक माला जाप करते हैं. माता धूमावती (दरिद्रताकी देवी) से यह प्रार्थना करते हैं कि हे माता हमारे घर, परिवार, कारोवार से पूरे साल दरिद्रता, रोग, दोष, बुरी नजर का नाश हो. यह मनोकामना इच्छा करके लोटा, ग्लास में जल भरकर घर के मुख्य द्वार चौखटो पर चढ़ा कर वापस घर में प्रवेश कर जलतीधूप बत्ती दीपक को किनारे (मैनगेट) पर रखते हैं. ऐसा करने से पूजा करने वाले घर परिवार में वर्ष भर माता धूमावती की कृपा बनी रहती है.
हनुमान जी की पूजा का महत्व
हमारे देश में सनातनी हिंदू लोगों के दोपहर में या दीपावली के दिन दिन में जो हनुमान जी की पूजा होती है. वह रविवार 19अक्टूबर को प्रातः 7:55 से लेकर दोपहर 12:25 बजे के बीच में करना अत्यंत शुभ फलदायक माना जाएगा. इस समय विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार चर ,लाभ और अमृत केतीन प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे. इसमें घर में किसी भी प्रकार की नेगेटिव एनर्जी भूत प्रेत या जादू टोने भयड़र हमेशा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है. परिवार में हर तरह की खुशहाली और उन्नति महसूस होती है. इसमें प्रसाद के रूप में चूरमा बनाकर भगवान जी का भोग लगाकर प्रसाद बांटा जाता है या पूरी बताशो को आपस में रगड़ा कर मिलाकर उसका चूरमा बनाया जाता है जिसे प्रसाद के रूप में भोग लगाया जाता है बांटा खाया जाता है.
दीपक जलाना पूजा करने का सर्वोत्तम समय प्रदोष काल में माना जाएगा
सॉय. 05:30से रात्री07:30तक
इस समय विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त अनुसार गोधूलि की बेला और प्रदोष काल दोनो का समावेश होगा जो किसी भी कार्य के लिए सर्वोत्तम है” लाभ”उद्वेग”के चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध होगें जिसमें पूजा करने वाले जातको को हर प्रकार की लाभ और उन्नति प्राप्त होगी
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूजय गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250