आगरालीक्स…दिवाली पर 200 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग. इस बाद पांच नहीं बल्कि छह दिन मनाया जाएगा दीपोत्सव. आगरा की ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताए शुभ मुहूर्त
दो सदी में दूसरी बार दीपोत्सव में दुर्लभ संयोग बन रहा है. धनतेरस पर गुरु और शनि का संयोग लक्ष्मी की कृपा बरसाएगा. सुखद योग और संयोगों के साथ इस साल जातकों को दो दिन धरतेरस के पर्व को मनाने का मौका मिलेगा. वहीं सूर्यग्रहण के कारण दीपोत्सव छह दिन का हो गया है. दीपों के महार्व का प्रारंभ तेरस प्रदोषकाल में 22 अक्टूबर की शाम से हो जाएगा.
पंचदीपोत्सव की शुरुआत धनतेरस के साथ 22 अक्टूबर से हो जाएगी. ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा के अनुसार धन के कारक गुरु अपनी स्व राशि मीन और स्वायित्व के कारक शनि स्वयं की राशि मकर में गोचर करेंगे. इस कारण महालक्ष्मी की कृपा बरसेगी. धनतेरस पर शनि और गुरु का दुर्लभ संयोग दो सदी में दूसरी बार बन रहा है. इससे पहले 8 नवंबर 1884 में ऐसा ही संयोग दीपावली पर बना था. इस साल 22 और 23 अक्टूबर को ग्रह स्थिति फिर से निर्मित हो रही है. धनतेरस पर गुरु और शनि का संयेाग जातकों पर स्थित लक्ष्मी की कृपा बरसागी. उन्होंने बताया कि सुखदयोग और संयोगों के साथ जातकों को दो दिन धनतेरस मनाने का अवसर मिल रहा है. खास बात यह है कि सूर्यग्रहण के कारण पंचदीपोत्व का महापर्व छह दिनों का हो गया है. ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा के अनुसार धनतेरस पर प्रदेाषकाल के दीपदान करने का महत्व है. तेरस प्रदोषकाल में 22 अक्टूबर की शाम को होगा.
22 को करें धनाधिपति कुबेरराज की पूजा
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बबताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 22 अक्टूबर की शाम को छह बजकर 3 मिनट से लगेगी और 23 अक्टूबर को शाम छह बजकर 4 मिनट पर खत्म होगी. धन संपत्ति के लिए धनाधिपति श्रीकुबेर देवता की भी पूजा करनी चाहिए. देवकक्ष में पूजा स्थल पर दीपक प्रज्जवलित करना चाहिए. पूजा का सर्वोत्तम समय प्रदोषकाल एवं वृषभ लग्न का संयुक्त समय शाम छह बजकर 40 मिनट से रात 8 बजकर 36 मिनट तक रहेगा. धनतेरस के दिन शुरू शुभ कार्यों में अच्छी सफलता एवं स्थायी लाभ की स्थिति बनती है. इस दिन घर एवं कार्यस्थल पर प्रकाश करना चाहिए. कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या 24 अक्टूबर शाम 5 बजकर 28 मिनट से 25 अक्टूबर को दो बजकर 17 मिनट तक रहेगी. दीपावली के दिन प्रदोषकाल शाम 5 बजकर 23 मिनट से रात सात बजकर 55 मिनट तक है. इस अवधि में स्थित लग्न वृषभ शाम को छह बजकर 36 मिनट से रात 8 बजकर 32 मिनट तक है. पूजन के लिए प्रदोषकाल और स्थित लग्न विशेष लाभदायी होता है.
23 को मनाई जाएगी नरक चतुर्दशी
पंचांग के अनुसार धनतेरस के अगले दिन यानी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी पर्व मनाया जाएगा. इस दिन मंदिर के अलावा दक्षिण दिशा, नाली, शौचालय और घर के मुख्य द्वार में दीपक जलाना शुभ होता है. इसे छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है. इस बाद दो दिन तिथि होने के कारण 24 अक्टूबर को नरक चतुर्दशी मनाई जा सकती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था. नरक चतुर्दशी 23 अक्टूबर शाम को छह बजकर 30 मिनट से प्रारंभ होकर 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगी.
24 को होगा लक्ष्मी गणेश पूजन
प्रकाश पर्व दीपावली कार्तिक अमावस्या 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन मां लक्ष्मी भगवान गणेश के साथ—साथ मां सरस्वती, भगवान कुबेर की पूजा विधि विधान से की जाएगी. मान्यता है कि दीपावली के दिन मां लक्ष्मी अपने भक्तों को आशीर्वाद देती है. अमावस्या 24 तारीख को शाम 5 बजकर 28 मिनट से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी. इस दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम साढ़े 6 बजे से रात 8 बजकर 16 मिनट, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 19 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट, अमृत काल मुहूर्त सुबह 8 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 16 मिनट और विजय मुहूर्त पूर्वान्ह 01 बजकर 36 मिनट से 02 बजकर 21 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 12 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक रहेगा.
26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा
इस साल दीपावली के दूसरे दिन सूर्यग्रहण होने के कारण गोवर्धन पूजा महोत्सव एक दिन बाद 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा. अन्नूकूट पूजा गोवध्रन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण से समर्पित है. कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि 25 अक्टूबर शाम 4 बजकर 18 मिनट से प्रारंभ होकर 26 अक्टूबर दोपहर दो बजकर 42 मिनट तक रहेगी. गोवर्धन पूजा मुहूर्त 25 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 33 मिनट से 26 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
26 को होगा भाईदूज
गोवर्धन पूजा के बाद भाई दूज का पर्व 26 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाकर भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं. भाई दूज पूजा का मुहूर्त 26 अक्टूबर को पूर्वान्ह 01 बजकर 18 मिनट से दोपहर 03 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही दीपोत्सव का समापन हो जाएगा.
