आगरालीक्स ..आगरा में ड्रग विभाग द्वारा जांच को भेजे गए एंटीबायोटिक इंजेक्शन नकली निकले हैं, टीम ने पॉश कॉलोनी की कोठी से चल रही दवा फैक्र्टी को पकडने के बाद जांच में यह खुलासा हुआ है।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि पांच जून को आगरा के मलपुरा में एक कार से एक महिला सहित चार युवकों को पकडा गया था। यह घर से दवा पफैक्र्टी चला रहे थे, फैक्ट्री में नकली अमीकासिन इंजेक्शन बनाकर बेचते थे, सरगना कमला नगर निवासी अंबर प्रताप सिंह पकड में नहीं आ सका था। टीम द्वारा जब्त किए गए अमीकासिन इंजेक्शन की दो एमएल की चार वाइल को जांच के लिए लखनउ जांच के लिए भेजा था, जांच में यह चारों इंजेक्शन नकली निकले हैं।
यह था मामला
औषधि निरीक्षक ने बताया कि 5 जून 2019 को पुलिस टीम के साथ निबोहरा थाना क्षेत्र के गांव झाल के पास वैगन आर कार संख्या यूपी 80 एके 3563 को पकड लिया। कार में बड़ी मात्र में एमीकासिन इंजेक्शन रखे हुए थे, इनकी कीमत करीब सात लाख रुपये है। पूछताछ में पुलिस को बताया कि आगरा के अमिता विहार कमला नगर निवासी अंबर प्रताप सिंह के घर से एमीकासिन इंजेक्शन के लिए वाइल, शीशी और सॉल्यूशन लेकर आए थे। दो एमएल सॉल्यूशन वाइल में भरकर बालाजी बायोटेक, लक्ष्मी नगर, दिल्ली और एरिया बायोटेक, हिमाचल प्रदेश की लेबल लगा देते थे। इस दो एमएल की वाइल पर 85 से 95 रुपये कीमत लिखी हुई थी।
इन्हें किया अरेस्ट
पुलिस ने अभिमन्यु चौहान निवासी यमुना बिहार कमला नगर, रामहरि और उसकी पत्नी शीतल शर्मा निवासी सहदपुर थाना निबोहरा और संतोष शर्मा निवासी तुलसीपुरा खंडेर, फतेहाबाद हाल निवासी राजपुर चुंगी आगरा को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया है। नकली एमीकासिन इंजेक्शन और कार को कब्जे में ले लिया है। इनके पास से खाली वाइल, इसे सील करने की मशीन और रैपर मिले हैं। आशंका है कि एमीकासिन इंजेक्शन में पानी भरा जा रहा था, इसके सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सरगना अंबर प्रताप सिंह को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।