नईदिल्लीलीक्स..सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद इसकी मांग बढ़ी। साल की तिमाही में ही भारत में आठ फीसदी इजाफा।
सोने की मांग 136.6 टन हुई
विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर 136.6 टन हो गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 126.3 टन था।
कीमत के संदर्भ में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
विश्व स्वर्ण परिषद के मुताबिक, इस वर्ष जनवरी-मार्च में मूल्य के संदर्भ में भारत की सोने की मांग वार्षिक आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 75,470 करोड़ रुपये हो गई।
ज्वेलरी खरीदारी और निवेश दोनों में बढ़ोतरी
भारत में सोने-चांदी में निवेश को हमेशा ही सुरक्षित और लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। इसके चलते भी मांग में लगातार तेजी बनी हुई है। इसके तहत आभूषणों की मांग चार प्रतिशत बढ़कर 91.9 टन से 95.5 टन हो गई।
सोना 74 हजार के अंक को छू चुका है
वहीं, कुल निवेश मांग (सिक्के सहित अन्य के रूप में) 34.4 टन से 19 प्रतिशत बढ़कर 41.1 टन हो गई। भाव 80 हजार तक पहुंचने की उम्मीद मौजूदा समय में सोना 74000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू चुका है।
सोना भारतीयों की पहली पसंद
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी प्रमुख अनुज गुप्ता का कहना है कि बाकी एसेट क्लास के मुकाबले सुरक्षित माना जाने वाला सोना भारतीयों की पसंद बना हुआ है। उनका अनुमान है कि यदि और तेजी आती है तो घरेलू बाजार में अगले दो साल में सोना 80 हजार रुपये के स्तर को छू सकता है।
बाजार में पूरी तरह से उलटफेर देखा गया
भारत और चीन सहित दुनिया के पूर्वी बाजार में तब्दीली तब आती है जब कीमतें नीचे जा रही होती हैं और उतार-चढ़ाव होता है, जबकि पश्चिमी बाजार में तब्दीली तब आती है जब कीमतें ऊपर जा रही होती हैं। पहली बार पूर्ण उलटफेर देखा जा रहा है, जहां भारतीय और चीनी बाजारों में सोने की कीमतों में वृद्धि पर तब्दीली आई है।