आगरालीक्स ..आगरा में पहली बार हार्ट सर्जरी की तरह से की गई पैर की बाईपास सर्जरी,
रामपुरा गांव, फिरोजाबाद के रहने वाले 76 वर्ष के खुशहाल को चार साल से दाएं पैर में दर्द की समस्या था। असहनीय दर्द के कारण वह न खड़े हो पाते थे और न सो पाते थे। एसएन की सुपरस्पेशियलिटी ओपीडी में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जन डा. सुशील सिंघल को दिखाया, दाएं पैर की एंजियोग्राफी कराई गई। इसमें दाएं पैर में खून का संचार करने वाली नस जांघ तक 100 प्रतिशत ब्लाक की, खून का संचार न होने के कारण पैर में असहनीय दर्द हो रहा था। डा. सुशील सिंघल ने बताया कि मरीज के पैर की बाईपास सर्जरी की प्लानिंग की गई, हार्ट से एक बड़ी खून की नस आती है। यह नाभी के पास नस दो हिस्सों में बंट जाती है, एक दाएं पैर तो दूसरी से बाएं पैर में खून की सप्लाई होती है। मरीज के बाएं पैर में खून की सप्लाई ठीक थी।
मरीज के बाएं पैर से एक नस ली गई, इस नस से बाएं पैर में हो रही खून की सप्लाई को बाईपास करते हुए दाएं पैर में जांघ के नीचे खून की नस से जोड़ दिया। इससे दाएं पैर में खून की आपूर्ति होने लगी। करीब तीन घंटे सर्जरी चली, इसके बाद मरीज का दर्द ठीक हो गया। अगले दिन मरीज चलने भी लगा। तीन दिन बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि पैर की बाईपास सर्जरी पहली बार एसएन मेडिकल कालेज में हुई है। टीम में डा. श्रेया श्रीवास्तव, डा. रेनू सिंह शामिल रही।
धुम्रपान करने और उम्र बढ़ने से नसों में रुकावट
कार्डियोथेरेसिक सर्जन डा. सुशील सिंघल ने बताया कि धुम्रपान करने वाले लोगों को यह समस्या ज्यादा होती है। उम्र बढ़ने के साथ भी खून की नसों में रुकावट आने लगती है। पैरों में दर्द की समस्या होने पर डाक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए।