नईदिल्लीलीक्स… वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आजाद ने कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा सोनिया गांधी को भेजा है।
सनकी लोगों का ग्रुप पार्टी को चलाने लगा
इस्तीफे में गुलाम नवी आजाद ने लिखा है कि दुर्भाग्य से राहुल गांधी की जब से कांग्रेस में एंट्री हुई और वर्ष 2013 में उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया। इसके बाद पार्टी के सलाहकार तंत्र को नष्ट कर दिया गया। सीनियर और अनुभवी नेताओँ को साइडलाइन कर दिया। गैर अनुभवी और सनकी लोगों का ग्रुप खड़ा हो गया और यही पार्टी को चलाने लगा।
आला कमान के फैसलों से नाराज थे आजाद
वरिष्ठ नेता गुलाम नवी आजाद कांग्रेस के आला नेतृत्व के फैसलों से नाराज चल रहे थे। वह जम्मू-कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष का नेतृत्व चाहते थे लेकिन कांग्रेस ने उनके करीबी रहे विकार रसूल वानी को यह जिम्मेदारी दे दी, जिससे वह नाराज थे, उनका मानना था कि कांग्रेस उनके करीबी नेताओं को तोड़ रही है।
राज्यसभा में भी कांग्रेस ने दोबारा नहीं भेजा था
इससे पहले वर्ष 2021 में राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने पर भी कांग्रेस ने उन्हें दोबारा राज्यसभा में नहीं भेजा था, जबकि उन्हें राज्यसभा में भेजे जाने की उम्मीद थी। राज्यसभा से उनकी विदाई पर पीएम मोदी ने भी भावभीनी विदाई दी थी। भाजपा ने उन्हें पदम् विभूषण से भी सम्मानित किया था, जिसे कांग्रेस ने पसंद नहीं किया था, वह चाहती थी कि गुलाम नवी इस पुरस्कार को ठुकरा दें। साथ ही नवी अभी हाल ही में पार्टी को पांच राज्यों में मिली हार से दुखी थे।