आगरालीक्स.. आगरा में डॉक्टरों ने बताया कि महिलाओं में पीरियडस बंद मीनोपॉज होने के बाद एक नई जिंदगी शुरू होती है, इसमें कुछ समस्याएं आती हैं, इस जिंदगी को कैसे बेहतर जी सकते हैं, इसे लीेकर होटल अमर में मीनोपॉज सोसायटी आफ आगरा द्वारा वर्कशाप आयोजित की गई।
शनिवार को आयोजित वर्कशॉप में एसएन की पूर्व प्राचार्य डॉ सरोज सिंह ने बताया कि 45 की उम्र के बाद महिलाओं में मीनोपॉज के साथ हार्मोन का असंतुलन होता है, इस दौरान व्यवहार में बदलाव के साथ ही शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं। यह वह समय होता है जब महिलाओं को अपने शारीरिक और मानसिक बदलाव पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जिंदगी को बेहतर तरीके से जीने के लिए मीनोपॉज के बाद होने वाली बीमारियों को जीवनशैली में बदलाव और दवाओं से सही किया जा सकता है। डॉ सुनील बंसल ने मीनोपॉज के बाद मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर से कैसे बचें, इस पर चर्चा की। इस दौरान डॉ सविता त्यागी ने मीनोपॉज सोसायटी द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ अलका सारस्वत, डॉ रिचा सिंह, डाक्टर सुधा बंसल, डॉक्टर सुभाषिनी गुप्ता,डॉक्टर संगीता चतुर्वेदी, डॉक्टर आर एन गोयल, डॉक्टर गरीमा त्रिवेदी डॉक्टर विजया सोनी आदि मौजूद रहे।