आगरालीक्स… आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (SVIMS) ने लोगों का सर्जरी का डर खत्म कर दिया है। मामूली दर्द, सर्जरी का निशान नहीं और जल्द ठीक हो रहे मरीज। जानें मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के बारे में।
किसी भी बीमारी को सर्जरी के माध्यम से जड़ से खत्म किया जा सकता है। मगर, लोग सर्जरी करने से घबराते हैं, उन्हें डर रहता है कि सर्जरी करवाने पर असहनीय दर्द होगा। जिस हिस्से में सर्जरी होगी वहां टांकों के निशान बन जाएंगे। खून निकलेगा, ठीक होने में समय लगेगा जिससे अपने व्यवसाय और नौकरी पर नहीं जा सकेंगे। मगर, अब ऐसा नहीं है, चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हुआ है। मिनिमली इनवेसिव सर्जरी में छोटे छिद्रों के माध्यम से सर्जरी कर दी जाती है।
मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का पता भी नहीं चलता

शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, हाईवे सिकंदरा के हेड आफ द डिपार्टमेंट लैप्रोस्कोपिक सर्जरी एंड यूरोलाजिस्ट वरिष्ठ सर्जन डॉ. अजय प्रकाश बताते हैं कि छोटे छिद्रों से सर्जरी कर गुर्दे की पथरी से लेकर पित्त की थैली की पथरी की सर्जरी कर दी जाती है। मामूली दर्द होता है और मरीज ठीक होकर काम पर लौट आता है। कई मरीज तो ऐसे हैं जो अपने काम की व्यवस्तता में भूल गए कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही सर्जरी कराई है।
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से डर हुआ खत्म

शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज, हाईवे सिकंदरा के चीफ कंसल्टेंट लैप्रोस्कोपिक सर्जरी एंड यूरोलाजिस्ट डॉ. श्वेतांक प्रकाश बताते हैं कि लैप्रोस्कोपिक सर्जरी ने लोगों का डर खत्म कर दिया है। पहले सर्जरी कराने के लिए तमाम रिश्तेदारों को बुलाते थे कि खून की जरूरत पड़ सकती है लेकिन अब एक अटेंडेंट के साथ हास्पिटल पहुंचकर सर्जरी कराने के बाद लोग घर जा रहे हैं।
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