आगरालीक्स….. आगरा के मेयर और पार्षदों के पांच साल पूरे, लेकिन मौजूदा मेयर और पार्षदों ने 17 जनवरी 2023 तक कार्यकाल बढ़ा, हाईकोर्ट में आज पिछड़ा वर्ग आरक्षण में सुनवाई, चुनाव की तिथि घोषित करने पर रोक।कार्यकाल पूरा होते ही मेयर और पार्षदों की शक्तियां खत्म हो जाती हैं।

2017 में नगर निगम के चुनाव हुए थे और 12 दिसंबर 2017 को प्रदेश के सभी नगर निगमों में मेयर और पार्षदों ने शपथ ली थी, इसके अनुसार मेयर और पार्षदों का कार्यकाल 12 दिसंबर को पूरा हो गया। आगरा में मेयर नवीन जैन और 100 वार्ड के पार्षद का पांच साल का कार्यकाल 12 दिसंबर 2022 को पूरा हो गया, अभी नगर निगम चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इस लिहाज से मेयर की शक्तियाएं नगर निगम के प्रशासक यानी नगर आयुक्त के पास आ जानी चाहिए। मगर, ऐसा नहीं किया गया है।
नगर निगम अधिनियम का तर्क, 17 जनवरी 2023 तक रहेगा कार्यकाल
नगर निगम अधिनियम 1959 की विभिन्न धाराओं के अनुसार, नगर निगम में चुने गए मेयर और पार्षदों का कार्यकाल बोर्ड की पहली बैठक से पांच साल पूरे होने तक दर्ज है। यह तर्क देते हुए, क्योंकि नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक 17 जनवरी 2018 को हुई थी, जबकि मेयर और पार्षदों ने शपथ 12 दिसंबर 2017 को ली थी। इस तरह मेयर और पार्षदों का कार्यकाल 17 जनवरी 2018 तक बढ़ा दिया गया है।