आगरालीक्स…रेमडेसिविर और फैबी फ्लू जैसी दवाओं के साथ आक्सीजन की आपूर्ति को लेकर सीएम योगी के बड़े निर्देश. कालाबाजारी करने वालों पर एनएसए.
कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा सख्त से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इधर आक्सीजन के साथ—साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन और फैबी फ्लू जैसी दवाओं की कालाबाजारी पर सीएम योगी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. बुधवार को सीएम योगी द्वारा जारी बड़े निर्देश..
प्रदेश लौट रहे प्रवासी कामगार/श्रमिकों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन तथा गृह विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रवासी श्रमिकों को क्वॉरंटीन किया जाए तथा अस्वस्थ होने की दशा में उपचारित किया जाए
‘108’ एम्बुलेंस सेवा की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड मरीजों के लिए किया जाए। एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को कम किया जाए
ऑक्सीजन उत्पादन व री-फिलिंग से जुड़ी इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। औद्योगिक इकाइयों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। सभी जनपदों में क्वॉरंटीन सेंटर को प्रभावी ढंग से क्रियाशील रखा जाए
कंटेनमेंट जोन के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग के सम्बन्ध में प्रवर्तन की प्रभावी कार्यवाही की जाए। निगरानी समितियों से संवाद बनाकर उनसे फीडबैक लगातार प्राप्त किया जाए
18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को निःशुल्क कोविड टीकाकरण कराए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कार्ययोजना तैयार करे
रेमडेसिविर इंजेक्शन और फैबीफ्लू जैसी जीवन रक्षक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक है, इसकी मॉनिटरिंग की जाए। प्रदेश में प्रतिदिन 50 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग के अनुरूप केन्द्र सरकार को समय से पत्र प्रेषित किया जाए
प्रत्येक अस्पताल में 36 घण्टे का ऑक्सीजन बैकअप होना चाहिए। चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोविड-19 के प्रसार को देखते हुए सभी जनपदों में कोविड बेड की संख्या दोगुनी करें:
किसी भी दशा में ऑक्सीजन की कालाबाजारी न होने पाए। ऐसा करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर व NSA के तहत कार्रवाई की जाए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा गृह विभाग समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें:
सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ऑक्सीजन री-फिल केन्द्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाए। ऑक्सीजन टैंकरों को GPS से जोड़ा जाए तथा प्लांट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए