आगरालीक्स… पालतू कुत्तों के हिंसक होने की घटनाएं थम नहीं रहीं। मालिक निशाने पर। आगरा में पिल्ले को पटक-पटक कर मारा। कुत्तों को पालने में बरतें कुछ सावधानी।
आगरा में पिल्ले को भौंकने पर पटक-पटक कर मारा
पालतू कुत्तों के काटने की घटनाएं इस बार तेजी से बढ़ी हैं। आगरा में आज एक घर के बाहर बंधा पिल्ला एक बच्चे को देखकर भौंकने लगा, जिससे वह गिर गई। इससे गुस्साई बच्ची की मां ने जंजीर से बंधे हुए पिल्ले को जंजीर से घुमाकर पटक-पटक मारा। इस मामले में कुत्ता मालिक ने पुलिस से शिकायत की है।
नोएडा में कुत्ता मालिकों को नोटिस और जुर्माना
कुत्तों के हिंसक होने की घटनाओं पर उनके मालिक नोएडा में कुत्तों को लेकर हुई कुछ घटनाओं के बाद, हाई राइज अपार्टमेंट्स का आरडब्ल्यूए उन लोगों के खिलाफ सख्त हुआ है, जिन्होंने अपने अपने घरों पर कुत्ते पाले हैं।
सोसाइटी को गंदा करने व भौंकने पर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि घटनाओं के सामने आने के बाद कुत्ते के मालिकों को नोटिस और जुर्माना जारी किया गया है। कहीं कुत्ता मालिक इसलिए निशाने पर हैं क्योंकि उनके कुत्ते ने सोसाइटी या अपार्टमेंट को गंदा किया है, तो कहीं विवाद का विषय कुत्तों का अनावश्यक भौंकना और आस पड़ोस के लोगों को परेशान करना है।
कुत्ता मालिकों से जुर्माने संग वसूला जीएसटी
ग्रेटर नोएडा में आरडब्ल्यूए द्वारा दो कुत्ता मालिकों पर जुर्माना लगाया है.। मामले में दिलचस्प ये कि आरडब्ल्यूए ने फाइन तो वसूला ही. साथ ही उसपर जीएसटी भी लगाया है, जिन दो लोगों का फाइन हुआ है उनमें एक व्यक्ति का कुत्ता पूरी सोसाइटी में मूत्र विसर्जन करता था तो दूसरे मामले में फाइन सिर्फ इसलिए लगा क्योंकि कुत्ता मालिक अपने कुत्ते को लिफ्ट में ले जा रहे थे।
भी निशाने पर आ रहे हैं।
कुत्ते की प्रवृत्ति है भौंकना और काटना
इस बारे में पशु चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ते का स्वभाव भौंकना और काटना है। प्रशिक्षण से कुत्तों की कुछ नस्लों में सुधार आता है। वह अपने मालिक के इशारे पर चलते हैं लेकिन कुत्तों की भौंकने और काटने की प्रवृत्ति बड़ी मुश्किल से अंकुश लग पाता है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक कुत्तों के पालने वाले हालांकि कुत्ता पालने के दौरा एहतियात बरतते हैं, उन्हें एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगवाए जाते हैं और सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है।
यह बरतें सावधानी
-पालतू कुत्तों को मजबूत जंजीर से बांधा जाए, जंजीर को ज्यादा लंबा नहीं रखा जाए।
-कुत्तों को घुमाने के लिए बच्चों को महिला और बच्चों के साथ नहीं भेजें।
-कुत्तों को घुमाने जाने वाला शख्स इतना मजबूत होना चाहिए कि कुत्ते के आक्रामक होने पर उसे काबू में रखे। –वृद्ध लोग अपनी सुरक्षा के लिए कुत्ते रखते हैं तो वह उसे ज्यादा बाहर ले जाने से बचें, दिन के समय मजबूती से बांधें।
-कुत्तों के व्यवहार में किसी तरह का बदलाव आने, अकारण भौंकने, कुकियाने या काटने की प्रवृत्ति पर आने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
-मैटिंग सीजन (बारिश के चार महीने) कुत्तों का व्यवहार में बदल जाता है। ऐसे में चिकित्सक से राय लें। खुला छोड़ने से बचें।