नईदिल्लीलीक्स… देश के संसदीय इतिहास में आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। दिल्ली में नए संसद भवन के लिए भूमि पूजन किया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तथा प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा समेत अनेक हस्तियां मौजूद रहीं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नई संसद भवन की नींव रखी गई। इस दौरान सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया।
पुराना संसद ब्रिटिश काल में लगभग एक शताब्दी पहले वायसराय हाउस के रूप में निर्मित हुआ था। 971 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया संसद भवन 64,500 स्क्वायर मीटर में बनाया जाएगा। नया संसद भवन सन् 2022 तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।
देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश का राजकाज नए संसद भवन से शुरू हो जाएगा। मौजूदा संसद भवन से अधिक बड़ी, आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं वाले नये संसद भवन में गौर करने लायक कई बातें हैं।
खास-खास
-संसद के पुराने भवन के मुकाबले नया भवन आधुनिक तकनीक और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। नये संसद भवन का प्रस्ताव गत वर्ष अगस्त में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू ने रखा था।
- प्रस्ताव के मुताबिक नया संसद भवन 64,500 स्क्वायर मीटर में चार मंजिला होगा, जिस पर 971 करोड़ रुपये खर्च होना अनुमानित है।
- सभी सांसदों के लिए संसद परिसर में उनका दफ्तर बनाया जाएगा। इस इमारत का डिजायन अहमदाबाद के एचसीपी डिजायन मैनेजमेंट ने किया है।
-नए संसद भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट द्वारा किया जाएगा। नई इमारत में ऑडियो, वीडियो सिस्टम, डाटा नेटवर्क सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।
- नई इमारत में कुल 1224 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी। इनमें 888 लोग लोकसभा चैंबर में बैठ सकेंगे, जबकि राज्यसभा में 384 सांसदों के बैठने की सुविधा होगी।
-भविष्य में अगर सांसदों की संख्या बढ़ती है, तो उसकी जरूरत पूरी हो सकेगी। संसद भवन में देश के हर कोने की तस्वीर दिखाने की कोशिश होगी। नई इमारत में सेंट्रल हॉल नहीं होगा। लोकसभा चैंबर में ही दोनों सदनों के सांसद बैठ सकेंगे।
- संसद भवन की वर्तमान इमारत को म्यूजिम के रूप में रखा जाएगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के मुताबिक पुराने संसद भवन ने देश को बदलते हुए देखा है। इसलिए वह भविष्य में प्रेरणा देता रहेगा।
- लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा नए भवन में एक भव्य संविधान कक्ष होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्प्ले आदि होंगे।
-अंग्रेजों के बनवाए गए मौजूदा संसद भवन की नींव 12 फरवरी 1921 को रखी गई थी तथा 1927 में यह भवन तैयार किया हुआ था। सर एडवर्ड लुटियस सर हॉर्बट बेकर के नेतृत्तव में संसद भवन तैयार हुआ था। तब इस भवन के निर्माण में 83 लाख रुपये खर्च हुए थे।
- नया संसद भवन केंद्र सरकार की योजना सेंट्रल विस्टा के तहत बनाया जा रहा है, जिसमें संसद भवन के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन और आसपास के इलाकों का नवीनीकरण किया जाएगा।