
आगरा पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शातिरों के नाम हाकिम गोस्वामी, मोहन गोस्वामी और तरुण गोस्वामी हैं। जबकि फरार साथी गोपाला और शंकर हैं। सभी शाहगंज के जोगीपाड़ा के रहने वाले हैं। शातिरों ने 16 अप्रैल की सुबह रकाबगंज के ईदगाह कुतलुपुर निवासी सराफा व्यवसाई रामवीर वर्मा को अपना शिकार बना लिया था। एमजी रोड साईं की तकिया चौराहे पर उनकी हीरे और पन्ने की करीब दो लाख रुपये की अंगूठियां जाल में फांस ले भागे थे। शातिरों ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा और फीरोजाबाद समेत कई राज्यों में अब तक हजारों घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह में शामिल लोग दो से तीन लोगों को रोज शिकार बनाते हैं। इंस्पेक्टर हरीपर्वत हरि मोहन सिंह ने बताया शातिरों से सराफा व्यवसाई रामवीर की अंगूठी बरामद की हैं, जिसमें लगे हीरे-पन्ने गोपाला और शंकर ले गए थे। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
हाकिम और मोहन ने बताया गिरोह का सरगना बिन्नी करीब 25 साल पूर्व जोगीपाड़ा से दर्जनों लोगों को हरियाणा लेकर गया था। वहां उनको ठगी का प्रशिक्षण दिलाया। ठगी में पारंगत होने के बाद अपने अन्य साथियों को प्रशिक्षित किया। सरगना बिन्नी बोदला क्षेत्र में रहता है, लेकिन उसे आज तक किसी ने नहीं देखा है। वह गिरोह को मोबाइल से संचालित करता है। हर बार अपना मोबाइल नंबर बदल देता है। अपनी आइडी से कभी सिम नहीं लेता।
Leave a comment